रात में बंद किया दूसरे महंत का कमरा, फिर देवानंद महाराज पर हमला... आरोपियों की गिरफ्तारी तक धरने पर संत
राजस्थान के कोटा जिले के चंद्रेसल गांव स्थित एक धार्मिक मठ में महंत देवानंद महाराज की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई।
राजस्थान के कोटा जिले से एक सनसनीखेज और बेहद दुखद घटना सामने आई है। बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के चंद्रेसल गांव स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक मठ के महंत देवानंद महाराज की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी। इस वारदात ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरे संत समाज को झकझोर कर रख दिया है।
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सात संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं संत समाज और ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
देर रात मठ में घुसे हमलावर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महंत देवानंद महाराज रोज की तरह अपने कक्ष में विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान देर रात कुछ अज्ञात हमलावर मठ परिसर में दाखिल हुए और सीधे उनके कमरे तक पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने महंत पर धारदार हथियारों से कई वार किए। हमला इतना गंभीर था कि महंत गंभीर रूप से घायल हो गए और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। वारदात के दौरान महंत की आवाज सुनकर आसपास मौजूद सेवादार और ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे।
दूसरे महंत का कमरा बाहर से किया बंद
जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि हमलावरों ने घटना को अंजाम देने से पहले मठ में रहने वाले एक अन्य महंत के कमरे को बाहर से बंद कर दिया था, ताकि कोई तुरंत मदद के लिए न पहुंच सके। इस पहलू को पुलिस गंभीरता से जांच रही है।
लहूलुहान हालत में मिले महंत
जब सेवादार और ग्रामीण महंत के कमरे में पहुंचे तो वहां का दृश्य बेहद दर्दनाक था। देवानंद महाराज खून से लथपथ जमीन पर पड़े मिले। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और उन्हें कोटा के महाराव भीम सिंह अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
हत्या के पीछे क्या है वजह?
फिलहाल हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस कई संभावित एंगल से जांच कर रही है। इनमें व्यक्तिगत रंजिश, मठ की संपत्ति से जुड़ा विवाद, पुरानी दुश्मनी या अन्य किसी आपराधिक कारण की संभावना शामिल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि महंत देवानंद महाराज शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे। ऐसे में उनकी हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
एफएसएल और डॉग स्क्वायड की मदद
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया। जांच टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, फिंगरप्रिंट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।
साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
संत समाज में भारी आक्रोश
महंत की हत्या के बाद संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों में भारी नाराजगी है। बड़ी संख्या में संत और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
संतों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
पुलिस का दावा – जल्द होगा खुलासा
कोटा पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। सात संदिग्धों से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द कानून के दायरे में लाया जाएगा।