मम्मी को मार दिया..." गुड़ामालानी में मां-बेटी की मौत के पीछे मोबाइल का विवाद या कोई गहरी साजिश?
बाड़मेर के गुड़ामालानी में मां-बेटी की डिग्गी में डूबने से मौत। पीहर पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप, बोले बच्चों ने फोन पर कहा था मम्मी को मार दिया। पुलिस ने दर्ज किया केस।
गुड़ामालानी (बाड़मेर)। बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी थाना क्षेत्र के सीलू गांव से शनिवार को सामने आई मां-बेटी की डिग्गी में डूबने से मौत की घटना ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर इसे एक हादसा या सुसाइड माना जा रहा था, लेकिन मृतका के पीहर पक्ष (मायके) के दावों और रिपोर्ट के बाद पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ हत्या (मर्डर) का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार शाम करीब 5 बजे गुड़ामालानी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सीलू गांव में एक खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से एक महिला और उसकी मासूम बेटी की मौत हो गई है। पुलिस जब तक मौके पर पहुंचती, ग्रामीणों की मदद से दोनों के शवों को डिग्गी से बाहर निकाला जा चुका था। मृतकों की शिनाख्त अनिता (पत्नी राजूराम) और उसकी पुत्री सुमन के रूप में हुई।
भाई का सनसनीखेज दावा: "भांजों ने फोन कर कहा- मम्मी को मार दिया"
इस पूरी घटना में नया मोड़ तब आया जब मृतका का भाई गणपतलाल जोधपुर से गुड़ामालानी पहुंचा। गणपतलाल ने मीडिया और पुलिस को बताया कि घटना की जानकारी उन्हें किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतका के छोटे बच्चों ने फोन पर दी थी।
"बच्चों ने रोते हुए फोन पर कहा कि उनकी मम्मी को मार दिया गया है। जब मैं जोधपुर से तुरंत अस्पताल की मोर्चरी पहुंचा और बहन का शव देखा, तो उसके शरीर पर चोटों के निशान थे।" — गणपतलाल, मृतका का भाई
भाई ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी बहन को काफी समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। पूर्व में भी कई बार मारपीट की घटनाएं हुईं, जिन्हें समाज के मौजिज और गणमान्य लोगों ने बीच में पड़कर और समझाइश करवाकर शांत करवाया था।
पिता ने दर्ज कराया दहेज प्रताड़ना और हत्या का केस
मृतका के पिता ठाकराराम (निवासी कुडकी, चितलवाना) ने गुड़ामालानी थाने में ससुराल पक्ष के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अनिता की शादी वर्ष 2007 में राजूराम पुत्र बाबूराम के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति, देवर, सास और ससुराल के अन्य सदस्य उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। इसी प्रताड़ना के चलते उनकी बेटी और दोहिती की जान ली गई है।
पुलिस की शुरुआती थ्योरी: मोबाइल विवाद के बाद हादसा!
दूसरी तरफ, गुड़ामालानी थानाधिकारी सुरेन्द्र कुमार ने प्रारंभिक जांच और आसपास के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर एक अलग थ्योरी बताई है।
थानाधिकारी के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि बेटी सुमन ने अपनी मां अनिता से मोबाइल फोन मांगा था। मोबाइल न मिलने पर वह नाराज हो गई और डिग्गी में कूद गई। बेटी को डूबता देख मां भी उसे बचाने के लिए डिग्गी में उतर गई, जिससे गहराई अधिक होने के कारण दोनों की डूबने से मौत हो गई।
निष्पक्ष जांच का भरोसा
पुलिस का कहना है कि पीहर पक्ष की रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस हादसे, आत्महत्या और हत्या (मर्डर) तीनों ही पहलुओं को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों और चोट के निशानों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।