जयपुर के इतिहास का सबसे बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान: जगतपुरा में 5 धार्मिक ढांचे हटाने उतरा JDA, 3000 जवान तैनात
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने जगतपुरा के नंदपुरी अंडरपास क्षेत्र में 80 फीट चौड़ी सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है।
जयपुर। राजधानी जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में सोमवार को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने एक बड़ा और संवेदनशील अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। नंदपुरी अंडरपास और जगतपुरा-महल रोड को जोड़ने वाले 80 फीट चौड़े सेक्टर रोड को पूरी तरह बाधामुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने भारी पुलिस बल और आधुनिक संसाधनों के साथ कार्रवाई शुरू की।
इस अभियान का उद्देश्य वर्षों से अधर में लटकी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को जमीन पर उतारना और जगतपुरा क्षेत्र में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से आम जनता को स्थायी राहत दिलाना है। जेडीए के अनुसार सड़क के निर्धारित एलाइनमेंट में आ रहे पांच धार्मिक ढांचों को हटाना तकनीकी रूप से आवश्यक था, जिसके बाद यह कार्रवाई शुरू की गई।
5 धार्मिक संरचनाएं हटाने की कार्रवाई
जेडीए अधिकारियों के अनुसार सड़क निर्माण में बाधा बन रहे पांच धार्मिक ढांचों को हटाया जा रहा है। इनमें चार मंजिला नूरानी मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार शामिल हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई। इससे पहले संबंधित समितियों, स्थानीय नागरिकों और धार्मिक प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की गई थी। धार्मिक स्थलों से जुड़े लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था और पवित्र सामग्री को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया था।
22 मई को हटाए गए थे 134 अवैध निर्माण
इस अभियान की पृष्ठभूमि भी काफी महत्वपूर्ण है। जेडीए ने 22 मई को इसी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 134 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया था। इनमें मकान, दुकानें, बाउंड्री वॉल और अन्य निर्माण शामिल थे।
उस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों को स्वेच्छा से ढांचे हटाने और स्थानांतरित करने के लिए समय दिया था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद सोमवार सुबह छह बजे से प्रशासन ने विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।
सुरक्षा के लिए 3000 से ज्यादा जवान तैनात
चूंकि मामला धार्मिक स्थलों से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मौके पर 3000 से अधिक पुलिसकर्मी, महिला पुलिस बल, कमांडो और विशेष सुरक्षा दल तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) की 12 कंपनियों को पूरे क्षेत्र में गश्त के लिए लगाया गया है। नंदपुरी अंडरपास से लेकर जगतपुरा रेलवे लाइन तक के करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।
पूरे इलाके को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया गया है और आम लोगों की आवाजाही पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है।
22 भारी मशीनें और ड्रोन से निगरानी
कार्रवाई को तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए जेडीए ने 22 भारी मशीनों को मैदान में उतारा है। इनमें पोकलेन, जेसीबी, हाइड्रोलिक कटर और मलबा हटाने वाले डंपर शामिल हैं।
वहीं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पूरे क्षेत्र में ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन से मिलने वाली लाइव फीड कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट बंद
प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई से जुड़े वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर भ्रामक तरीके से वायरल कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है।
इसी को देखते हुए जयपुर पूर्व और जयपुर उत्तर जिलों के 34 थाना क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट, सोशल मीडिया और बल्क एसएमएस सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि ब्रॉडबैंड इंटरनेट, वाई-फाई और वॉयस कॉल सेवाओं को सामान्य रखा गया है ताकि आम लोगों को जरूरी सेवाओं में परेशानी न हो।
22 जून तक धारा 163 लागू
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है।
इसके तहत बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध 22 जून तक प्रभावी रहेगा।
ट्रैफिक जाम से राहत की उम्मीद
जेडीए अधिकारियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद जगतपुरा, महल रोड, नंदपुरी अंडरपास और आसपास की कॉलोनियों में ट्रैफिक दबाव काफी हद तक कम होगा। इससे हजारों स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
फिलहाल प्रशासन का दावा है कि स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।