राज्यसभा चुनाव 2026: भाजपा ने दिखाया शक्ति प्रदर्शन, अलका गुर्जर और सतीश पूनिया ने भरा नामांकन
राजस्थान राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा प्रत्याशी डॉ. अलका गुर्जर और डॉ. सतीश पूनिया ने सोमवार को विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया।
जयपुर। राजस्थान में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। सोमवार को नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दोनों घोषित उम्मीदवार डॉ. अलका गुर्जर और डॉ. सतीश पूनिया ने राजस्थान विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान भाजपा ने न केवल अपनी संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन किया बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया।
सबसे पहले भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा प्रत्याशी डॉ. अलका गुर्जर ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व मंत्री डॉ. नाथू सिंह गुर्जर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था।
अलका गुर्जर के बाद भाजपा के दूसरे प्रत्याशी एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। उनके नामांकन के समय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। दोनों प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान भाजपा नेतृत्व ने एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया।
इस महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसर की शुरुआत भाजपा प्रदेश मुख्यालय से हुई, जहां सुबह दोनों प्रत्याशियों का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दोनों नेताओं को मिठाई खिलाकर जीत की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, मंत्री मदन दिलावर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, सांसद मंजू शर्मा और लुंबाराम सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा मुख्यालय से विधानसभा तक का पूरा कार्यक्रम शक्ति प्रदर्शन में तब्दील नजर आया। विशेष रूप से महिलाओं की बड़ी संख्या ने पीली लुगड़ी पहनकर लोकगीतों और नृत्य के माध्यम से उत्सव का माहौल बनाया। कार्यकर्ताओं का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि पार्टी इस चुनाव को केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने के अवसर के रूप में देख रही है।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मौजूदगी भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रही। वे विधानसभा पहुंचीं और दोनों प्रत्याशियों के नामांकन की साक्षी बनीं। बाद में वे विधानसभा परिसर से बाहर निकलती हुई भी नजर आईं। भाजपा के विभिन्न गुटों के नेताओं की एक साथ मौजूदगी को पार्टी की एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के माध्यम से सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की बड़ी रणनीति अपनाई है। डॉ. सतीश पूनिया को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने जाट समुदाय को मजबूत संदेश देने का प्रयास किया है, जबकि डॉ. अलका गुर्जर को राज्यसभा भेजने का निर्णय गुर्जर समाज के बीच भाजपा की स्वीकार्यता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डॉ. सतीश पूनिया लंबे समय तक राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में हरियाणा भाजपा के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं डॉ. अलका गुर्जर भाजपा की राष्ट्रीय सचिव होने के साथ-साथ दिल्ली भाजपा की सह-प्रभारी भी हैं। संगठन में लंबे समय से सक्रिय दोनों नेताओं को राज्यसभा भेजने का निर्णय पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्मान देने के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
भाजपा नेताओं का दावा है कि विधानसभा में पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल मौजूद है और दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय है। यही कारण है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी ने पूरी ताकत के साथ अपनी राजनीतिक एकजुटता का प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए 18 जून को मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं और तेज होने की संभावना है।