ट्रक ने स्कूटी को 100 मीटर तक घसीटा: मां और दो बेटियों की दर्दनाक मौत, एक बेटी का पैर कुचला
राजस्थान के नागौर जिले में लाडनूं के पास गोरेडी गांव के समीप एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार मां शारदा (47) और उनकी तीन बेटियों (लाडा 12, अंकिता 10, अक्षिता 14) को टक्कर मार दी। ट्रक ने स्कूटी को करीब 100 मीटर तक घसीटा, जिससे स्कूटी पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गई। हादसे में दो बेटियां मौके पर मृत घोषित हुईं, मां इलाज के दौरान जयपुर में चल बसीं, जबकि एक बेटी अक्षिता का पैर कुचल गया और वह गंभीर रूप से घायल है। ट्रक ड्राइवर फरार है। शारदा मजदूरी कर परिवार चलाती थीं, पति बीमार हैं। पुलिस जांच जारी।
डीडवाना-कुचामन (नागौर, राजस्थान): एक भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है। सोमवार रात करीब 8 बजे लाडनूं थाना क्षेत्र के गोरेडी गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार मां और उनकी तीन बेटियों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी ट्रक के नीचे फंस गई और करीब 100 मीटर तक घसीटती चली गई। इस हादसे में मां समेत दो बेटियों की मौके पर या इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीसरी बेटी गंभीर रूप से घायल है। आरोपी ट्रक ड्राइवर घटना के बाद फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
हादसे की शिकार मां शारदा (47 वर्ष) लाडनूं के सैनिक स्कूल के पास रहती थीं। वह अपनी तीन बेटियों—लाडा (12), अंकिता (10) और अक्षिता (14)—के साथ स्कूटी से रिश्तेदारी में खाना खाने जा रही थीं। घर से निकलने के मात्र तीन किलोमीटर दूर गोरेडी गांव के पास यह दुर्घटना हुई। ट्रक ने स्कूटी को इतनी बेरहमी से टक्कर मारी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कबाड़ में बदल गई।
घटना के बाद आसपास के लोग चीखने-चिल्लाने लगे, लेकिन ट्रक ड्राइवर नहीं रुका और फरार हो गया। लाडनूं के पार्षद इदरीश खान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से घायलों को तुरंत लाडनूं के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने लाडा और अंकिता को मृत घोषित कर दिया। मां शारदा और अक्षिता की हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान शारदा ने दम तोड़ दिया। अक्षिता का एक पैर बुरी तरह कुचल गया है और शरीर पर कई जगह गहरी चोटें आई हैं। उसका इलाज अभी भी जारी है।
लाडनूं थानाधिकारी शंभूदयाल मीणा ने बताया कि महिला अपनी बेटियों के साथ लाडनूं से गोरेड़ी की ओर रिश्तेदारी में जा रही थी। हादसे के बाद DSP जितेंद्र सिंह और सीआई शंभुदयाल मीणा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों बहनों के शवों को लाडनूं अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी है।
यह हादसा इसलिए और भी दर्दनाक है क्योंकि शारदा के पति गिरधारी (50) लंबे समय से बीमार हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी शारदा पर ही थी, जो मजदूरी-मेहनत करके अपनी तीन बेटियों का पालन-पोषण कर रही थीं। इस एक हादसे ने न सिर्फ दो मासूम बेटियों को हमेशा के लिए छीन लिया, बल्कि परिवार की इकलौती कमाने वाली को भी। अब परिवार में गहरा शोक और आर्थिक संकट छा गया है।