राजस्थान कांग्रेस में बड़ा धमाका! कौन हैं वो 12 बागी नेता जिनकी हो रही “गुप्त वापसी”?
राजस्थान में कांग्रेस पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए “घर वापसी” अभियान तेज कर रही है। अनुशासन समिति की बैठक में 12 से अधिक बागी नेताओं की वापसी पर सहमति बनी है। इनमें पूर्व विधायक, पदाधिकारी और अन्य दलों से आने के इच्छुक नेता शामिल हैं। अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगा और प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
जयपुर: राजस्थान में कांग्रेस संगठन को फिर से मजबूत करने के लिए पार्टी ने “घर वापसी” अभियान को गति दे दी है। हाल ही में हुई एक अहम बैठक में उन नेताओं को वापस लाने पर सहमति बनी है, जो पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी छोड़ चुके थे या अनुशासनहीनता के कारण बाहर कर दिए गए थे।
अनुशासन समिति की बैठक में बड़ा फैसला
रविवार शाम प्रदेश कांग्रेस के वॉर रूम में अनुशासन समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रमुख उदयलाल आंजना ने की, जिसमें सदस्य शकुंतला रावत और हाकम अली भी शामिल रहे।
करीब एक घंटे चली इस बैठक में 12 से अधिक नेताओं की वापसी को लेकर सकारात्मक सहमति बनने की खबर सामने आई है।
किन नेताओं की हो सकती है वापसी?
सूत्रों के अनुसार, जिन नेताओं की वापसी पर विचार किया गया है, उनमें:
पूर्व विधायक
पूर्व पदाधिकारी
अन्य दलों (खासतौर पर भाजपा) से कांग्रेस में आने के इच्छुक नेता
हालांकि, समिति ने अभी तक किसी भी नाम का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया है और पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया है।
पहले भी हो चुकी हैं कई अहम वापसी
पिछले कुछ समय में कांग्रेस ने कई बड़े नेताओं को दोबारा पार्टी में शामिल किया है। इनमें प्रमुख रूप से:
मेवाराम जैन
अमीन खान
सुनील परिहार
वीरेंद्र बेनीवाल
इन वापसीयों को पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
रिपोर्ट जल्द शीर्ष नेतृत्व को सौंपी जाएगी
बैठक के बाद समिति अध्यक्ष ने जानकारी दी कि जिन नामों पर सहमति बनी है, उनकी सूची जल्द ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी के प्रभारी को सौंपी जाएगी।
अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान के स्तर पर लिया जाएगा।
भाजपा छोड़कर भी नेता कर रहे संपर्क
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि प्रदेश और देश में भाजपा की स्थिति कमजोर होने के कारण कई नेता अब कांग्रेस का रुख कर रहे हैं।
ऐसे नेताओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जो विचारधारा से कांग्रेस के करीब रहे हैं और बाहर रहने के बावजूद पार्टी के लिए सक्रिय रहे हैं।
चरणबद्ध तरीके से होगी “घर वापसी”
पार्टी ने साफ किया है कि सभी नेताओं की वापसी एक साथ नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया भी तय की गई है, जिसमें इच्छुक नेताओं ने प्रदेश और केंद्रीय स्तर पर आवेदन दिए हैं।
11 मई को अगली बैठक संभव
अनुशासन समिति की अगली बैठक 11 मई के आसपास प्रस्तावित है, जिसमें और नामों पर चर्चा होने की संभावना है।
राजस्थान कांग्रेस का यह “घर वापसी” अभियान आने वाले समय में संगठन को नई मजबूती दे सकता है। यदि बड़े और प्रभावशाली नेता वापस आते हैं, तो इसका असर प्रदेश की राजनीति और आगामी चुनावी रणनीति पर साफ दिखाई दे सकता है।