2 साल पहले बनाई TVK, ढहा दिया 77 साल पुरानी DMK का किला... कौन हैं तमिलनाडु की राजनीति के 'थलपति' विजय

फिल्मों के ‘थलपति’ Thalapathy Vijay अब राजनीति में तूफान बनकर उभरे हैं। TVK की बढ़ती ताकत ने DMK और AIADMK की नींद उड़ा दी है—क्या तमिलनाडु में अब नया CM चेहरा तय हो चुका है?

May 4, 2026 - 12:28
May 4, 2026 - 12:28
2 साल पहले बनाई TVK, ढहा दिया 77 साल पुरानी DMK का किला... कौन हैं तमिलनाडु की राजनीति के 'थलपति' विजय

तमिल फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में शामिल Thalapathy Vijay अब सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी “तमिलगा वेट्री कझगम (TVK)” के जरिए तमिलनाडु की राजनीति में ऐसा प्रवेश किया है जिसने पूरे राज्य के राजनीतिक समीकरणों को हिला दिया है।

69 फिल्मों के सफल करियर, करोड़ों फैंस और “थलपति” की मजबूत छवि के साथ विजय अब एक नए किरदार में नजर आ रहे हैं—एक राजनीतिक नेता के रूप में

 फिल्मी दुनिया से शुरू हुआ सफर

विजय का जन्म 22 जून 1974 को एक फिल्मी परिवार में हुआ था। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर एक निर्देशक और मां शोभा चंद्रशेखर एक गायिका हैं। उनका असली नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी, लेकिन असली पहचान उन्हें 1990 के दशक में बतौर लीड एक्टर मिली।

उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं:

थेरी

मर्सल

बीस्ट

लियो

सरकार

इन फिल्मों ने उन्हें न सिर्फ सुपरस्टार बनाया बल्कि एक सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली चेहरा भी बना दिया।

TVK पार्टी की शुरुआत और राजनीति में एंट्री

फरवरी 2024 में विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी “तमिलगा वेट्री कझगम (TVK)” की घोषणा की। इसी के साथ उन्होंने संकेत दिया कि वे अब राजनीति को अपना मुख्य करियर बनाएंगे।

उनकी पार्टी के प्रमुख उद्देश्य बताए जाते हैं:

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख

युवाओं को राजनीति में भागीदारी

सामाजिक न्याय और पारदर्शी शासन

शिक्षा और रोजगार पर फोकस

इस कदम ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी।

2026 चुनाव और बढ़ता राजनीतिक प्रभाव

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में TVK की एंट्री ने सभी बड़ी पार्टियों को रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया।

शुरुआती रुझानों और राजनीतिक विश्लेषणों के अनुसार:

TVK कई सीटों पर मजबूत प्रदर्शन करती दिखी

ग्रामीण और शहरी युवाओं में पार्टी को समर्थन मिला

पारंपरिक वोट बैंक में बदलाव के संकेत मिले

हालांकि अंतिम परिणामों का पूरा चित्र अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि विजय ने तमिल राजनीति में एक नया विकल्प जरूर पेश किया है।

लोकप्रियता बनाम राजनीति

विजय की सबसे बड़ी ताकत उनकी विशाल फैन फॉलोइंग है। साउथ इंडिया में उन्हें सिर्फ अभिनेता नहीं बल्कि “जनप्रिय चेहरा” माना जाता है।

लेकिन राजनीति में प्रवेश के साथ चुनौतियाँ भी बढ़ीं:

प्रशासनिक अनुभव की कमी

बड़े राजनीतिक दलों से मुकाबला

मीडिया और आलोचकों की कड़ी नजर

भीड़ प्रबंधन और रैलियों में सुरक्षा चुनौतियाँ

इसके बावजूद उनकी रैलियों में भारी भीड़ यह दिखाती है कि उनकी लोकप्रियता अभी भी मजबूत है।

 विवादों से भी रहा नाता

विजय का करियर सिर्फ सफलता तक सीमित नहीं रहा। उनकी फिल्मों और राजनीतिक गतिविधियों दोनों को कई बार विवादों का सामना करना पड़ा।

फिल्मों पर राजनीतिक संदेशों को लेकर विवाद

‘सरकार’ और ‘थलाइवा’ जैसी फिल्मों पर विरोध

‘जन नायकन’ फिल्म को लेकर सेंसर और कानूनी अड़चनें

राजनीतिक रैलियों में हादसों पर सवाल

इन सबके बावजूद उनकी लोकप्रियता पर कोई खास असर नहीं पड़ा।

 निजी जीवन

विजय ने 1999 में संगीता सोरनालिंगम से शादी की। उनके दो बच्चे हैं:

जेसन संजय

दिव्या साशा

उनका परिवार अक्सर मीडिया की सुर्खियों में रहता है, खासकर उनके बच्चों के फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े होने की वजह से।

 क्यों खास है विजय का राजनीतिक सफर?

विजय की राजनीति इसलिए अलग मानी जा रही है क्योंकि:

वे सीधे फिल्मी स्टारडम से राजनीति में आए

उन्होंने खुद की नई पार्टी बनाई

युवाओं में उनकी जबरदस्त पकड़ है

वे पारंपरिक राजनीतिक परिवारों से नहीं आते

इसी वजह से उन्हें कई लोग “नया राजनीतिक विकल्प” मान रहे हैं।

थलपति विजय का सफर इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। एक तरफ वह भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं, वहीं दूसरी तरफ वे अब तमिलनाडु की राजनीति में एक उभरते हुए नेता के रूप में स्थापित हो रहे है।

आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे अपने फिल्मी स्टारडम की तरह राजनीति में भी वैसी ही सफलता हासिल कर पाते हैं या नहीं।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।