‘2 मंत्री पद और 1 राज्यसभा सीट, फिर भी कांग्रेस नहीं खुश…’, CM विजय थलपति से इतने से संतुष्ट नहीं कांग्रेस!
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कांग्रेस ने DMK से दूरी बनाकर TVK के साथ नया समीकरण बनाया है।
तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस के नए रुख को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी ने DMK से दूरी बनाकर टीवीके (TVK) के साथ नए गठबंधन की ओर कदम बढ़ाया है। इस बदलाव ने राज्य की राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदलने के संकेत दे दिए हैं।
DMK से दूरी और TVK से नई साझेदारी
सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, कांग्रेस ने DMK के साथ अपने पुराने रिश्तों को पीछे छोड़ते हुए टीवीके के साथ नया गठबंधन किया है। इसके बाद मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार में कांग्रेस को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व और राज्यसभा सीट जैसे राजनीतिक लाभ भी मिले हैं।
हालांकि इस नए समीकरण के बावजूद कांग्रेस पूरी तरह से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और दोनों पार्टियों के बीच संबंधों को फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ मोड में रखा गया है।
कार्ति चिदंबरम का बड़ा बयान
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने संकेत दिए हैं कि पार्टी का यह रुख पूरी तरह स्थायी नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद DMK से दूरी बनाना यह संकेत नहीं देता कि कांग्रेस राष्ट्रीय गठबंधन INDIA ब्लॉक से अलग हो गई है। उनके मुताबिक, कांग्रेस का फोकस फिलहाल जमीनी स्तर की राजनीति और भविष्य की संभावनाओं पर है।
‘असली परीक्षा स्थानीय निकाय चुनाव’
कार्ति चिदंबरम ने यह भी कहा कि TVK के साथ गठबंधन की असली परीक्षा स्थानीय निकाय चुनाव होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता में भागीदारी और सीटों का बंटवारा इस गठबंधन की सफलता तय करेगा। उनके अनुसार, अगर जमीनी स्तर पर संतुलित भागीदारी मिलती है, तभी यह नया गठबंधन मजबूत बन सकता है।
कांग्रेस की ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति
राजनीतिक संकेतों से साफ है कि कांग्रेस फिलहाल DMK और TVK दोनों को लेकर संतुलित रणनीति अपना रही है। एक ओर पार्टी नए गठबंधन को आजमा रही है, वहीं दूसरी ओर DMK के साथ भविष्य में सहयोग की संभावना भी खुली रखी गई है। कांग्रेस का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा से मुकाबला करने के लिए क्षेत्रीय दलों के साथ लचीला रुख जरूरी है।
तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस का यह नया प्रयोग आने वाले समय में बड़ा असर डाल सकता है। DMK से दूरी और TVK के साथ नजदीकी क्या स्थायी होगी या सिर्फ रणनीतिक बदलाव, यह आने वाले चुनावी नतीजे तय करेंगे।