सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान, CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई तो करेंगे 42 दिन की भूख हड़ताल
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि अगर जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दीपके या किसी कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया गया तो वह 42 दिनों की भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
नई दिल्ली। जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के मुद्दों पर मुखर रहने वाले सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके या आंदोलन से जुड़े किसी भी सदस्य को गिरफ्तार किया जाता है, तो वह 42 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि वह 6 जून को लद्दाख से दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन युवाओं की आवाज से जुड़ा है और इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाना चाहिए।
गिरफ्तारी हुई तो भूख हड़ताल पर बैठेंगे
सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर प्रदर्शन से पहले उन्हें या CJP के किसी सदस्य को हिरासत में लिया जाता है, तो वह अगले ही दिन से भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल 42 दिनों तक चलेगी और इसके लिए वह पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने समर्थकों से भी सवाल किया कि अगर ऐसा होता है तो वे किस तरह आंदोलन का समर्थन करेंगे। वांगचुक ने कहा कि उम्मीद है कि ऐसी स्थिति नहीं आएगी, लेकिन हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना जरूरी है।
CJP के युवाओं की तारीफ
अपने संदेश में वांगचुक ने कहा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी के युवाओं से मिलकर प्रभावित हुए हैं। उनके मुताबिक, ये युवा ईमानदार, देशभक्त और बदलाव की सोच रखने वाले हैं। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में उनका इस आंदोलन से गहरा जुड़ाव बन गया है।
शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील
वांगचुक ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन में आने वाले लोग केवल पानी की बोतल, मोबाइल फोन और फूल लेकर आएं।
उन्होंने साफ कहा कि किसी भी प्रकार की लाठी, डंडा, पत्थर या हिंसा से जुड़ी वस्तु साथ न लाएं। अगर कोई व्यक्ति ऐसी चीजें लेकर आता दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें और वीडियो रिकॉर्ड करें।
भारत का सबसे शांतिपूर्ण आंदोलन बनाने की अपील
सोनम वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास है। उन्होंने समर्थकों से आग्रह किया कि वे किसी भी उकसावे में न आएं और आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि यह देश के इतिहास का सबसे शांतिपूर्ण आंदोलन बन सकता है, अगर सभी लोग जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ इसमें भाग लें।