जोधपुर जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी: एम्स इमरजेंसी में डेढ़ घंटे चली जांच, पेट में संक्रमण की शिकायत
जोधपुर जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से एम्स इमरजेंसी में डेढ़ घंटे चली जांच। पेट में गंभीर संक्रमण और दर्द की शिकायत, जेल के दूषित पानी को बताया जा रहा कारण। चार महीने से NSA हिरासत में हैं कार्यकर्ता।
जोधपुर। प्रसिद्ध लद्दाखी जलवायु कार्यकर्ता, इंजीनियर और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की तबीयत जोधपुर सेंट्रल जेल में बिगड़ गई है। फिल्म '3 इडियट्स' के मुख्य किरदार 'रैंचो' के प्रेरणास्रोत माने जाने वाले वांगचुक को शनिवार (31 जनवरी 2026) सुबह कड़ी पुलिस सुरक्षा में जोधपुर के एम्स अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। यहां गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (पेट रोग विशेषज्ञ) ने उनकी करीब डेढ़ घंटे तक विस्तृत जांच की। एम्स सूत्रों के अनुसार, उन्हें पेट में गंभीर समस्या (संक्रमण और दर्द) है, जो जेल के दूषित पानी से जुड़ी बताई जा रही है। जांच के बाद उन्हें वापस जेल ले जाया गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई जांच
यह जांच सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद हुई। गुरुवार (29 जनवरी 2026) को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर सुनवाई की थी। कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया था कि वांगचुक की जांच सरकारी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) से कराई जाए और मेडिकल रिपोर्ट 2 फरवरी तक सीलबंद लिफाफे में पेश की जाए।
कोर्ट ने माना कि मरीज की मांग पर विशेषज्ञ जांच जरूरी है, भले ही जेल डॉक्टरों ने अब तक 21 बार जांच की हो। वांगचुक के वकील कपिल सिब्बल ने दावा किया कि जेल के पानी से लगातार पेट दर्द हो रहा है, जबकि राजस्थान सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने कहा कि आखिरी जांच 26 जनवरी को हुई थी और ब्लड प्रेशर, CO2 लेवल सामान्य हैं।
सुबह-सुबह अस्पताल पहुंची पुलिस टीम
शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे पुलिस ने वांगचुक को जोधपुर सेंट्रल जेल से एम्स लेकर पहुंचाया। उन्हें इमरजेंसी में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट को दिखाया गया। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें शरीर के कई हिस्सों में दर्द भी था। जांच पूरी होने के बाद कड़ी सुरक्षा में उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। अस्पताल में मीडिया से दूरी बनाए रखी गई और पुलिस ने सख्त इंतजाम किए।
गिरफ्तारी का कारण और पृष्ठभूमि
सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चले आंदोलन/धरने से जुड़े हिंसा मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया। वे पिछले चार महीने से अधिक समय से यहां बंद हैं।