बैनर पर फोटो और प्रोटोकॉल में उपेक्षा: सिरोही पशु मेले में बीजेपी विधायक समाराम गरासिया नाराज, 30 मिनट में छोड़कर चले गए कार्यक्रम
सिरोही के रेवदर (मंडार) में जिला स्तरीय पशु मेले के उद्घाटन के दौरान पिंडवाड़ा-आबू के बीजेपी विधायक समाराम गरासिया बैनर में अपनी फोटो न होने, स्वागत प्रोटोकॉल में उपेक्षा और मेले की खराब व्यवस्था से नाराज होकर मात्र 30 मिनट में कार्यक्रम छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि चौथी बार विधायक होने के बावजूद ऐसी बेइज्जती पहले कभी नहीं हुई, यहां तक कि कांग्रेस सरकार में भी नहीं। मंत्री और कलेक्टर ने बैनर राज्य स्तर से आने का हवाला दिया, जबकि कांग्रेस ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सिरोही जिले के रेवदर (मंडार) में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले के उद्घाटन समारोह में बड़ा विवाद हो गया। पिंडवाड़ा-आबू से बीजेपी विधायक समाराम गरासिया मंच पर लगे बैनर में अपनी फोटो न होने, स्वागत प्रोटोकॉल में कथित उपेक्षा और मेले की खराब व्यवस्था को लेकर बेहद नाराज हो गए। वे महज 30 मिनट में ही कार्यक्रम बीच में छोड़कर चले गए।
विधायक समाराम गरासिया ने इस घटना को अपनी राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी उपेक्षा करार दिया। उन्होंने कहा कि वे चौथी बार विधायक चुने जा चुके हैं (पहली बार 2003 में और फिर 2013, 2018 तथा 2023 में लगातार जीत), लेकिन इस तरह की बेइज्जती पहले कभी नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय में भी उनको इतनी उपेक्षा का सामना नहीं करना पड़ा।
घटना का विवरण
शनिवार शाम करीब 4 बजे पशुपालन मंत्री ओटाराम देवासी, जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी और विधायक समाराम गरासिया की मौजूदगी में मेले का शुभारंभ हुआ। विधायक ने बताया कि मंच पर स्वागत क्रम में सबसे पहले मंत्री का नाम लिया गया, उसके बाद जिला कलेक्टर का और फिर चौथे नंबर पर उनका। बैनर पर उनकी फोटो तक नहीं थी। निमंत्रण कार्ड में भी उनका नाम छठे नंबर पर था।
विधायक ने कहा, "प्रोटोकॉल के अनुसार सांसद होने पर नाम तीसरे नंबर पर और विधायक के लिए दूसरे नंबर पर होना चाहिए।" उन्होंने मेले की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वहां न तो कोई पशु मौजूद था और न ही पशुपालक।नाराजगी के बाद उन्होंने विभागीय मंत्री जोराराम कुमावत से बात की और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही इस मामले को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंचाने की बात कही।
मंत्री और कलेक्टर का पक्ष
पशुपालन मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि यह सरकार का कार्यक्रम था और आयोजन पिंडवाड़ा में नहीं बल्कि रेवदर में था। वे जयपुर से सीधे आए थे, इसलिए बैनर या फोटो की जानकारी उन्हें नहीं थी।जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने स्पष्ट किया कि बैनर राज्य स्तर से अप्रूव होकर आया था। उन्होंने कहा कि नाराजगी वाली कोई बात नहीं है और विधायक अपने काम से निकल गए थे।
कांग्रेस का हमला
कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हिमपाल सिंह देवल ने भी मेले की व्यवस्था पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारा-पानी की उचित व्यवस्था नहीं थी। एक गौ माता को खंभे से बांधकर रखा गया था। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और लापरवाही का प्रमाण बताया।
एक दिन पहले भी विवाद
बता दें कि शुक्रवार को मेले के निमंत्रण पत्र में स्थानीय रेवदर विधायक मोतीराम कोली का नाम न होने पर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई थी। उसके बाद प्रशासन ने कार्ड बदल दिए थे।