सीकर में 14 साल के छात्र की आत्महत्या: घरवालों की डांट से आहत होकर उठाया खौफनाक कदम
राजस्थान के सीकर में 14 वर्षीय नौवीं क्लास के छात्र गिर्राज गुर्जर ने किराए के मकान में चुन्नी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को आशंका है कि परिजनों की डांट से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला और लड़का पढ़ाई में होशियार था।
राजस्थान के सीकर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। उद्योग नगर इलाके में रहने वाले 14 वर्षीय छात्र गिर्राज गुर्जर ने बुधवार सुबह अपने किराए के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गिर्राज मूल रूप से सीकर के नारदा, पाटन क्षेत्र का रहने वाला था और उसके पिता महावीर प्रसाद एक सरकारी शिक्षक हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि परिजनों द्वारा किसी बात पर डांटे जाने के बाद लड़के ने यह कदम उठाया।
घटना का विवरण उद्योग नगर थाना के SHO राजेश कुमार बुड़ानिया के अनुसार, घटना बुधवार सुबह की है। गिर्राज अपनी मां और बड़ी बहन के साथ सीकर शहर के राधा किशनपुरा क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। इसी साल वह बेहतर पढ़ाई के लिए गांव से शहर आया था और एक निजी स्कूल में कक्षा 9वीं का छात्र था। बुधवार सुबह गिर्राज की मां अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने गई थीं। घर लौटने पर उन्होंने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जब उन्होंने दरवाजा खोला तो बेटे को कमरे के गेट और चौखट के बीच चुन्नी से फांसी के फंदे पर लटका देखा। यह देखकर मां के होश उड़ गए और उन्होंने चीखना शुरू कर दिया। पड़ोसियों की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी।पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल ले जाकर पोस्टमॉर्टम करवाया। घटना के समय घर में कोई और मौजूद नहीं था।
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन डांट की आशंका पुलिस जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। SHO बुड़ानिया ने बताया कि गिर्राज पढ़ाई में काफी होशियार था और नियमित रूप से स्कूल जाता था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी या झगड़ा नहीं था। परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि वह सामान्य रूप से खुशमिजाज था।
हालांकि, पुलिस का मानना है कि संभवतः परिजनों ने किसी छोटी-मोटी बात पर उसे डांटा होगा, जिससे आहत होकर उसने यह कदम उठा लिया। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। अभी तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन मानसिक दबाव या पारिवारिक तनाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बढ़ते छात्र आत्महत्या के मामलों पर चिंता यह घटना राजस्थान में छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव को उजागर करती है। अक्सर पढ़ाई के दबाव, पारिवारिक अपेक्षाओं या छोटी-छोटी डांट से युवा मन इतना आहत हो जाता है कि वे आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों की भावनाओं को समझने और काउंसलिंग की जरूरत पर ध्यान देना चाहिए।