ऋषभदेव में बलुआ पहाड़ी पर लगी भीषण आग: डेढ़ घंटे तक धधकती रही, 4 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित; प्रशासन, पुलिस, वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर संभाला मोर्चा

उदयपुर के ऋषभदेव में बलुआ पहाड़ी पर शुक्रवार रात भीषण आग लगी, जो 4 हेक्टेयर क्षेत्र में फैल गई। डेढ़ घंटे के प्रयास के बाद उपखंड अधिकारी रामकरण सिंह, पुलिस, वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाया। सूखी घास जलने से जंगल को नुकसान हुआ, लेकिन कोई हताहत नहीं।

Feb 28, 2026 - 12:14
ऋषभदेव में बलुआ पहाड़ी पर लगी भीषण आग: डेढ़ घंटे तक धधकती रही, 4 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित; प्रशासन, पुलिस, वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर संभाला मोर्चा

उदयपुर जिले के ऋषभदेव क्षेत्र में शुक्रवार की रात एक भीषण आग ने बलुआ पहाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। बिलख तिराहे के पास बलुआ रोड स्थित इस पहाड़ी पर लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और लपटें तेजी से फैलने लगीं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।

आग कैसे लगी और कितनी फैली?

रात के समय अचानक लगी इस आग का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन सूखी घास और जंगली झाड़ियों की वजह से यह तेजी से फैल गई। आग मुख्य रूप से पहाड़ी के जंगली हिस्से में फैली, जहां सूखी घास और छोटी-छोटी झाड़ियां भारी मात्रा में थीं। कुछ ही देर में आग ने करीब 4 हेक्टेयर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। लपटें पहाड़ी की चोटी की ओर बढ़ती गईं और आसपास के वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया।

प्रशासन और स्थानीय लोगों की तत्परता

सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला, पुलिस और वन विभाग की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) रामकरण सिंह ने खुद मोर्चा संभाला और आग बुझाने के अभियान का नेतृत्व किया। उनके साथ ग्राम पंचायत प्रशासक मनीष मीणा, ऋषभदेव थाना पुलिस टीम और वन विभाग के कर्मचारी भी शामिल हुए।

पुलिस टीम में एएसआई अनिल मीणा, हेड कांस्टेबल शंकर मीणा, कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह चौहान और वीरभद्र सिंह शक्तावत सक्रिय रहे। वन विभाग से प्रवीण सिंह झाला और पंकज मीणा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्राम पंचायत के यशवर्धन सिंह भी मौके पर मौजूद रहे।

ग्रामीणों का सहयोग और प्रयास

प्रशासन की सक्रियता और अधिकारियों के साहस को देखकर आसपास के ग्रामीण युवक भी तुरंत आगे आए। उन्होंने पहाड़ी पर चढ़कर आग बुझाने में मदद की। जंगल में उपलब्ध पेड़ों की टहनियों को तोड़कर उनके झाड़ू बनाए गए और उनसे आग को पीट-पीटकर आगे बढ़ने से रोका गया। यह सामूहिक प्रयास करीब डेढ़ घंटे तक जारी रहा, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

नुकसान और स्थिति

आग से मुख्य रूप से जंगल की सूखी घास और छोटी झाड़ियां जलकर खाक हो गईं। कोई मानवीय हानि या बड़ी संपत्ति क्षति की सूचना नहीं है। पहाड़ी होने के कारण पहुंचना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीमों की तत्परता से स्थिति को बिगड़ने से रोका गया।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.