त्योहार की खुशियां पलभर में मातम में बदली, सरवड़ी गांव के पास 6 लोगों की मौत, लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल!
बालोतरा के सरवड़ी गांव के पास हुए दर्दनाक बस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई और कई यात्री घायल हो गए। त्योहार मनाने जा रहे परिवार इस हादसे का शिकार बन गए। मृतकों में दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने निजी बस की लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे की वजह बताया है। घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
बालोतरा क्षेत्र के सरवड़ी गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। त्योहार मनाने के लिए अपने परिजनों के साथ यात्रा पर निकले लोग खुशी और उत्साह के साथ सफर कर रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। इस दुर्घटना में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए।
हादसे में मासूम बच्चों की भी गई जान
हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि मृतकों में दो छोटे मासूम बच्चे भी शामिल हैं। जिनकी जिंदगी अभी शुरू ही हुई थी, वे दुनिया को ठीक से समझ भी नहीं पाए थे कि उससे पहले ही यह हादसा उनकी जिंदगी छीन ले गया। बच्चों की मौत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और गांवों में मातम का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई लापरवाही की आशंका
घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के पीछे निजी बस की तेज रफ्तार और लापरवाही बड़ी वजह हो सकती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई निजी बस संचालक सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए यात्रियों की जान जोखिम में डालते हैं। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता, तो शायद इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी।
हादसे के बाद मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
दुर्घटना होते ही आसपास के ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घायलों का उपचार जारी है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच पर सबकी नजर
हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब यह देखा जाना बाकी है कि दुर्घटना के वास्तविक कारण क्या थे और क्या लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बार-बार हो रहे हादसों ने बढ़ाई चिंता
क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों ने परिवहन व्यवस्था और निजी बस संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब तक नियमों का सख्ती से पालन और नियमित जांच नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है।
एक लापरवाही, कई घरों की बुझ गईं खुशियां
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों और खुशियों का अंत बन गया। त्योहार की खुशी लेकर निकले लोग कभी अपने घर नहीं लौट पाए। अब पूरा क्षेत्र यही उम्मीद कर रहा है कि इस दर्दनाक घटना से सबक लिया जाएगा और भविष्य में ऐसी त्रासदियां दोबारा न हों।