जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर नई रेल लाइन: 31 स्टेशनों के साथ सामरिक और आर्थिक महत्व की परियोजना

जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर नई रेल लाइन परियोजना (लगभग 380 किमी) को रेल मंत्रालय ने अंतिम स्थान सर्वेक्षण (FLS) और डीपीआर तैयार करने के लिए 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह तीन दशक पुरानी मांग है, जो सामरिक महत्व की है और सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना, व्यापार व विकास को बढ़ावा देगी। रूट पर कुल 31 रेलवे स्टेशन प्रस्तावित हैं—जैसलमेर से बाड़मेर तक 8 तथा बाड़मेर से भाभर तक 23। ड्रोन और डीजीपीएस से टोपोग्राफिकल सर्वे जारी है, जिससे थार के रेगिस्तानी इलाकों में नई कनेक्टिविटी बनेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

Feb 28, 2026 - 16:57
जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर नई रेल लाइन: 31 स्टेशनों के साथ सामरिक और आर्थिक महत्व की परियोजना

राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों को जोड़ने वाली एक महत्वाकांक्षी रेल परियोजना जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर नई रेल लाइन तेजी से आगे बढ़ रही है। यह लगभग 380 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेल लाइन तीन दशकों से लंबित थी, लेकिन अब रेल मंत्रालय ने इसके सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। वर्तमान में ड्रोन और डीजीपीएस तकनीक से टोपोग्राफिकल सर्वे कार्य जोरों पर चल रहा है, जो इस परियोजना को वास्तविकता के करीब ला रहा है।

परियोजना का महत्व

यह रेल लाइन न केवल राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और जालौर जिलों को गुजरात के बनासकांठा जिले के भाभर से जोड़ेगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सामरिक महत्व भी रखती है। यह भारतीय सेना की गतिशीलता बढ़ाएगी, सीमा सुरक्षा को मजबूत करेगी और साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था, व्यापार, पर्यटन तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। इस रूट से राजस्थान-गुजरात के बीच सीधी कनेक्टिविटी बनेगी, जिससे यात्रा समय और दूरी में काफी कमी आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना क्षेत्र के 41 शहरों, कस्बों और गांवों की तकदीर बदल सकती है।

स्टेशनों की संख्या और वितरण

इस नई रेल लाइन पर कुल 31 रेलवे स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें से:जैसलमेर से बाड़मेर के बीच 8 स्टेशन होंगे।बाड़मेर से भाभर के बीच 23 स्टेशन होंगे।यह स्टेशन रेगिस्तानी थार क्षेत्र के छोटे-बड़े गांवों और कस्बों को रेल नेटवर्क से जोड़ेंगे, जिससे स्थानीय लोगों को बड़े शहरों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

प्रस्तावित प्रमुख रेलवे स्टेशन

परियोजना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, इन स्टेशनों में शामिल होंगे: जैसलमेर,बखरानी एच,सांगड़,गूंगा,शिव,निंबला,बाड़मेर,महाबार,उण्डखा,अराबा का तला,सनावड़ा,बाछड़ाऊ,दूदवा,दूदू,धोरीमन्ना,भाउड़ा,माणकी,सिंछावा,पादरड़ी,भादरून,सरवाना,कसवी,रतनपुरा,भोरोल,भाचर,थराद रोड जंक्शन,मोरीखा,सनसेड़ा,कुवाला,भाभर। (ये स्टेशन रूट के विभिन्न चरणों में स्थित होंगे, जहां से ट्रेनें रुकेंगी और यात्रियों को सुविधा मिलेगी।)

वर्तमान स्थिति और भविष्य

रेल मंत्रालय ने अंतिम स्थान सर्वेक्षण (Final Location Survey - FLS) के लिए बजट स्वीकृत किया है, और उत्तर पश्चिम रेलवे इसकी जिम्मेदारी संभाल रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद डीपीआर तैयार होगी, जिसके आधार पर निर्माण कार्य शुरू होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल नेटवर्क विस्तार की बात की है, जिसमें यह लाइन शामिल है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.