परीक्षा की तैयारी कर रही बेटी से लेकर मासूम बच्चों तक… एक हादसे ने छीनी परिवार की खुशियां!

जोधपुर–बालोतरा सड़क मार्ग पर हुए भीषण हादसे में सांचौर की छात्रा अनुषा विश्नोई, वाणिज्य कर विभाग के एलडीसी नरपत विश्नोई और सायला निवासी नगाराम देवासी सहित कई लोगों की मौत हो गई। होली मनाने जा रहे नर्सिंगकर्मी धारू राम मेघवाल के दोनों मासूम बच्चों की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुईं और उनका पैर काटना पड़ा। हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
February 28, 2026 • 9:39 AM  279
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राजस्थान
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परीक्षा की तैयारी कर रही बेटी से लेकर मासूम बच्चों तक… एक हादसे ने छीनी परिवार की खुशियां!
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परीक्षा की तैयारी कर रही बेटी से लेकर मासूम बच्चों तक… एक हादसे ने छीनी परिवार की खुशियां!

जोधपुर/बालोतरा। होली के त्योहार से पहले खुशियों से भरा सफर पलभर में मातम में बदल गया, जब जोधपुर–बालोतरा मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। इस दर्दनाक दुर्घटना में अलग-अलग जगहों से अपने घर लौट रहे लोगों की जान चली गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की जिंदगी थमी

सांचौर क्षेत्र के दाता गांव की 22 वर्षीय अनुषा विश्नोई, जो जोधपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं, इस हादसे का शिकार हो गईं। परिवार की उम्मीदों का सहारा बनी अनुषा की मौत की खबर गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। परिजन और ग्रामीणों के अनुसार, वह पढ़ाई के जरिए परिवार का भविष्य बदलना चाहती थीं।

सरकारी कर्मचारी भी हादसे में नहीं बच सके

इस दुर्घटना में 30 वर्षीय नरपत विश्नोई, जो वाणिज्य कर विभाग में एलडीसी पद पर कार्यरत थे, की भी मौत हो गई। नरपत अपने परिवार के जिम्मेदार सदस्य माने जाते थे और उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

वहीं सायला क्षेत्र के निवासी नगाराम देवासी ने भी हादसे में दम तोड़ दिया। गांव में उनके निधन की खबर मिलते ही माहौल गमगीन हो गया।

होली मनाने जा रहा परिवार बिखर गया

सबसे हृदयविदारक दृश्य उस परिवार का रहा जो होली मनाने अपने गांव जा रहा था। पोकरण के सरकारी अस्पताल में कार्यरत नर्सिंगकर्मी धारू राम मेघवाल अपनी पत्नी बीबा और दो छोटे बेटों — 5 वर्षीय युवराज और डेढ़ साल के शिवराज — के साथ गांव राउता (बागोड़ा) जा रहे थे।

हादसा इतना भयावह था कि दोनों मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। धारू राम को कान में हल्की चोट आई, लेकिन उनकी पत्नी बीबा गंभीर रूप से घायल हो गईं और डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए एक पैर काटना पड़ा। खुशियों के साथ शुरू हुआ यह सफर परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।

एक मृतक की पहचान अब तक नहीं

हादसे में एक अन्य व्यक्ति की मौत भी हुई है, जिसकी पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। पुलिस पहचान के प्रयास में जुटी हुई है।

क्षेत्र में शोक, लापरवाही पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में गहरा आक्रोश भी देखा जा रहा है। लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार और लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने घायलों के उपचार की व्यवस्था करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

त्योहार से पहले पसरा सन्नाटा

जहां कुछ दिनों बाद रंगों का त्योहार मनाया जाना था, वहीं कई घरों में अब चूल्हे तक नहीं जले। जिन परिवारों ने अपनों का इंतजार किया था, वहां अब सिर्फ यादें और आंसू रह गए हैं। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर छोटी-सी चूक भी कितनी बड़ी त्रासदी बन सकती है।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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