राजस्थान के बालोतरा में भीषण सड़क हादसा: निजी स्लीपर बस की ट्रेलर से जोरदार भिड़ंत, 6 यात्रियों की दर्दनाक मौत, मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
राजस्थान के बालोतरा जिले के सरवड़ी गांव के पास नेशनल हाईवे पर जोधपुर से आ रही एक निजी स्लीपर बस ने ओवरटेकिंग के दौरान आगे चल रहे ट्रेलर से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में कम से कम 6 यात्रियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। बस का ड्राइवर साइड हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, ट्रेलर के लोहे के सामान से ऊपरी स्लीपर में बैठे लोगों के शरीर कट गए और शव लटकते दिखे। पचपदरा पुलिस जांच कर रही है, मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
राजस्थान के बालोतरा जिले में शुक्रवार को एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला भीषण हादसा हुआ है। पचपदरा पुलिस के अनुसार, सरवड़ी गांव के पास नेशनल हाईवे पर जोधपुर से बालोतरा की ओर आ रही एक निजी स्लीपर बस (ट्रेवल्स बस, कुछ रिपोर्टों में एमआर बस के रूप में उल्लेख) ने ओवरटेकिंग के चक्कर में आगे चल रहे ट्रेलर से जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक भिड़ंत में कम से कम 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौतों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
हादसा इतना भीषण था कि बस का अगला हिस्सा, खासकर ड्राइवर साइड, पूरी तरह से चूर-चूर हो गया। ट्रेलर पर लदा हुआ लोहे का सामान (या भारी माल) बस के ऊपरी हिस्से में सवार यात्रियों के साथ टकराया, जिससे कई शवों के शरीर बुरी तरह कट गए और बस के अंदर स्लीपर बर्थ में शव लटकते हुए दिखे। ड्राइवर साइड के क्षेत्र में खून से सना मंजर देखकर राहत टीमों के भी होश उड़ गए। टक्कर की तीव्रता से बस अनियंत्रित हो गई और हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया।
पचपदरा पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस से बालोतरा के नाहटा अस्पताल और अन्य नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने ट्रेलर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओवरटेकिंग के दौरान लापरवाही या तेज रफ्तार मुख्य कारण बताए जा रहे हैं, हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य कारकों की भी जांच की जा रही है।
यह हादसा राजस्थान के नेशनल हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसों की एक और कड़ी है, खासकर लंबी दूरी की निजी स्लीपर बसों में ओवरटेकिंग, थकान और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर। स्थानीय लोग हादसे के बाद हाईवे पर सन्नाटा पसरा हुआ बता रहे हैं, जबकि परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।