अमेरिका-इजराइल का ईरान पर बड़ा हमला, मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात — ईरान ने किया पलटवार, इजराइल पर मिसाइलें दागीं और अमेरिकी ठिकाने बने निशाना...
अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई शहरों पर हमला किया, जिसके बाद मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ गया। जवाब में ईरान ने इजराइल पर सैकड़ों मिसाइलें दागीं और कतर, बहरीन व यूएई में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते हमलों से क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं और दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है।
मध्य-पूर्व में शनिवार को तनाव अचानक चरम पर पहुंच गया, जब इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान के कई शहरों पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इसके तुरंत बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हमलों और पलटवार की यह श्रृंखला अभी जारी है और कई देशों ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
तेहरान समेत कई शहरों पर हवाई और मिसाइल हमले
शनिवार सुबह (भारतीय समयानुसार) संयुक्त अमेरिकी-इजराइली ऑपरेशन के तहत ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई महत्वपूर्ण शहरों में विस्फोटों की खबरें सामने आईं। हमलों में सैन्य ठिकानों, मिसाइल क्षमताओं और रणनीतिक संस्थानों को निशाना बनाए जाने की बात कही जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई ईरान की सैन्य और मिसाइल ताकत को कमजोर करने तथा उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकने के उद्देश्य से की गई। हमलों के बाद ईरान और इजराइल दोनों ने अपनी हवाई सीमाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं और नागरिक उड़ानों को डायवर्ट किया गया।
इजराइल में इमरजेंसी, नागरिकों को बंकर के पास रहने की सलाह
हमले के तुरंत बाद इजराइल सरकार ने देशभर में आपात स्थिति घोषित कर दी। लोगों को अलर्ट संदेश भेजे गए और अस्पतालों तथा आपात सेवाओं को युद्ध स्तर पर तैयार रहने को कहा गया। कई अस्पतालों ने एहतियात के तौर पर सेवाएं भूमिगत सुरक्षित क्षेत्रों में शिफ्ट करनी शुरू कर दीं।
ईरान का जवाबी हमला — इजराइल पर मिसाइलों की बारिश
हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने इजराइल की ओर बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे।
इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए और कई शहरों में सायरन बजने लगे। शुरुआती रिपोर्टों में सैकड़ों मिसाइलों के दागे जाने का दावा किया गया है, हालांकि आधिकारिक नुकसान का आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है।
खाड़ी देशों में भी तनाव — अमेरिकी सैन्य बेस बने निशाना
तनाव केवल इजराइल-ईरान तक सीमित नहीं रहा। जवाबी कार्रवाई के तहत ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।
कतर में अमेरिकी एयर बेस के पास मिसाइल अलर्ट जारी हुआ
बहरीन में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर मिसाइल हमला रिपोर्ट हुआ
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी क्षेत्र में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं
कुछ मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने रास्ते में ही रोक लिया, जबकि कई जगह सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया।
पूरे मध्य-पूर्व में हाई अलर्ट, युद्ध फैलने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव लंबे समय से बढ़ रहे तनाव का परिणाम है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और सुरक्षा चिंताएं प्रमुख कारण रहे हैं।
हमलों के बाद कई देशों ने अपने एयरस्पेस बंद किए, तेल आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा बढ़ाई और सेना को सतर्क कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए संयम बरतने की अपील की है।
क्या आगे बड़ा युद्ध हो सकता है?
विश्लेषकों के अनुसार यदि हमले और जवाबी कार्रवाई जारी रहती है तो यह संघर्ष पूरे मध्य-पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है। खासकर अमेरिकी ठिकानों पर हमले के बाद स्थिति और संवेदनशील मानी जा रही है।
फिलहाल दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों पक्ष सैन्य कार्रवाई बढ़ाते हैं या कूटनीतिक रास्ता अपनाया जाएगा।