नागौर क्रिकेट संघ विवाद: राजेंद्र सिंह नांदू का RCA पर हमला, बोले- अनुकंपा नियुक्ति चला रही कमेटी,धनंजय सिंह का पलटवार- मानसिक संतुलन खो चुके
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) द्वारा नागौर जिला क्रिकेट संघ को निष्कासित करने के बाद विवाद बढ़ गया है।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब नागौर जिला क्रिकेट संघ को सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया। इस फैसले के बाद जिला क्रिकेट प्रशासन में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और मामला अब खुलकर राजनीतिक और कानूनी रंग लेने लगा है।
नागौर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नांदू ने RCA की एडहॉक कमेटी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी में अनुकंपा नियुक्ति वाले लोग शामिल हैं और एक सदस्य का व्यवहार “अयोग्य” बताया। नांदू ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमों के विपरीत और दुर्भावनापूर्ण है।
उन्होंने दावा किया कि 2025 तक सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच RCA की निगरानी में पहले ही हो चुकी थी, जिसमें किसी प्रकार की बड़ी अनियमितता सामने नहीं आई थी। नांदू के अनुसार, 15 मई को की गई जनरल बॉडी मीटिंग अल्पमत के आधार पर और नियमों के खिलाफ आयोजित की गई, जिसमें उनके खिलाफ फैसला लिया गया।
नांदू ने यह भी कहा कि उन्हें निष्कासन पत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन वे इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भाजपा के कार्यकर्ता हैं और पार्टी नेतृत्व के सामने इस पूरे मामले को उठाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वे इस निर्णय के खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
वहीं दूसरी ओर RCA एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर ने राजेंद्र सिंह नांदू के आरोपों को खारिज करते हुए उन पर पलटवार किया है। धनंजय सिंह ने कहा कि नांदू भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के कारण मानसिक संतुलन खो चुके हैं और अब बेबुनियाद बयान दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि नागौर जिला क्रिकेट संघ में लंबे समय से वित्तीय अनियमितताएं और गड़बड़ियां सामने आ रही थीं, जिनके कारण कई खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। धनंजय सिंह के अनुसार, इन्हीं कारणों से उन्होंने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दिया था।
RCA की ओर से बताया गया कि नागौर जिला क्रिकेट संघ को गंभीर वित्तीय और संवैधानिक अनियमितताओं के आधार पर निष्कासित किया गया है। जांच में वित्तीय रिकॉर्ड, ऑडिट रिपोर्ट, सदस्यता दस्तावेज और क्रिकेट गतिविधियों में कई विसंगतियां पाई गईं।
एडहॉक कमेटी के अनुसार बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद जिला संघ संतोषजनक जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहा। इसके बाद जनरल बॉडी ने संविधान के अनुच्छेद-31 के तहत कार्रवाई करते हुए सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया।
अब यह विवाद केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों पक्षों के तीखे आरोपों और कानूनी लड़ाई की चेतावनी के बाद राजस्थान क्रिकेट में बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक विवाद बनता जा रहा है।