राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: तीन शक्तिशाली RDX बम प्लांट होने का दावा, जयपुर-जोधपुर दोनों परिसरों में हड़कंप
राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर और जोधपुर दोनों परिसर) को 6 फरवरी 2026 को ईमेल के माध्यम से गंभीर बम धमकी मिली, जिसमें दावा किया गया कि तीन शक्तिशाली आरडीएक्स बम प्लांट कर दिए गए हैं। धमकी मिलते ही परिसर खाली करवाया गया, सुनवाई स्थगित की गई और बम निरोधक दस्ता व डॉग स्क्वाड ने गहन तलाशी ली। जांच के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, इसलिए सुनवाई दोबारा शुरू हो गई। यह धमकी पिछले साल की कई घटनाओं के बाद फिर से आई है, लेकिन आरोपी अब तक नहीं पकड़ा गया।
जयपुर/जोधपुर, 6 फरवरी 2026: राजस्थान हाईकोर्ट के जयपुर और जोधपुर दोनों बेंचों को शुक्रवार सुबह एक बार फिर गंभीर बम धमकी मिली है। धमकी ईमेल के जरिए रजिस्ट्रार को भेजी गई थी, जिसमें दावा किया गया कि हाईकोर्ट परिसर में तीन शक्तिशाली आरडीएक्स (RDX) बम प्लांट कर दिए गए हैं, जिनसे कोर्ट को उड़ा दिया जाएगा।
इस धमकी के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और दोनों परिसरों को खाली करवा दिया गया। बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वाड), डॉग स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। गहन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें कोर्ट रूम, जजों के चैंबर्स, एडवोकेट चैंबर्स और पूरे परिसर की छानबीन की गई।
जयपुर बेंच में क्या हुआ?
जयपुर हाईकोर्ट में धमकी मिलने के बाद सभी सुनवाई स्थगित कर दी गई। वकील, पक्षकार और स्टाफ को बाहर निकाला गया। सुरक्षा टीमों ने कोर्ट परिसर की बारीकी से जांच की। लगभग दो घंटे की तलाशी के बाद कोई संदिग्ध वस्तु या बम नहीं मिला। इसके बाद परिसर को सुरक्षित घोषित किया गया और वकीलों तथा पक्षकारों के लिए एंट्री खोल दी गई। अब जयपुर हाईकोर्ट में सुनवाई दोबारा शुरू हो चुकी है।
जोधपुर मुख्यपीठ (प्रिंसिपल सीट) की स्थिति
जोधपुर हाईकोर्ट में भी इसी धमकी के चलते हड़कंप मचा। सभी जजों ने अपने कोर्ट रूम छोड़ दिए और जज चैंबर्स में शिफ्ट हो गए। सायरन बजाए गए और पूरे परिसर को खाली करवाया गया। बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीमें अभी भी तलाशी अभियान चला रही हैं। (अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।)
पिछले रिकॉर्ड और पुलिस की चुनौती
यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान हाईकोर्ट को ऐसी धमकियां मिली हैं। पिछले साल (2025) में हाईकोर्ट को कम से कम 6 बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी थीं। खासकर दिसंबर 2025 में लगातार 5 दिनों तक धमकी भरे ईमेल आए थे। इनमें से अधिकांश धमकियां फर्जी (होक्स) साबित हुईं, लेकिन हर बार परिसर खाली करवाना पड़ा और सुनवाई प्रभावित हुई।
दुर्भाग्य से, अब तक पुलिस इन धमकियों के पीछे के आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ईमेल अक्सर फर्जी आईडी या प्रॉक्सी सर्वर से भेजे जाते हैं, जिससे ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। राजस्थान में पिछले एक साल में स्कूलों, कोर्ट, अस्पतालों, होटलों और अन्य जगहों पर 60 से अधिक ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में आरोपी अज्ञात हैं।
वर्तमान स्थिति
धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। दोनों हाईकोर्ट परिसरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जांचकर्ता ईमेल की आईपी एड्रेस, सेंडर की डिटेल्स और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।