राजस्थान में कमर्शियल एलपीजी सप्लाई पर ब्रेक: तेल कंपनियों ने एजेंसियों को व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति रोकने के निर्देश दिए, होटल-रेस्टोरेंट और इंडस्ट्री पर पड़ेगा बड़ा असर
राजस्थान में तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगा दी है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने से कंपनियां केवल घरेलू गैस पर फोकस कर रही हैं। इससे होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और औद्योगिक इकाइयों पर बड़ा असर पड़ेगा। नए ऑर्डर बंद, स्टॉक खत्म होने तक ही उपलब्ध।
राजस्थान में कमर्शियल एलपीजी (व्यावसायिक गैस सिलेंडर) की सप्लाई पर अचानक ब्रेक लग गया है। सरकारी तेल कंपनियों (जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने अपने एलपीजी एजेंसियों और डीलर्स को मैसेज भेजकर कॉमर्शियल सिलेंडर (19 किलो, 47.5 किलो आदि) की नई सप्लाई और नए ऑर्डर पर रोक लगा दी है। कंपनियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फिलहाल केवल घरेलू उपयोग (डोमेस्टिक 14.2 किलो सिलेंडर) के लिए ही फोकस किया जाए और कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी अगले आदेश तक बंद रहे।
यह फैसला मिडिल ईस्ट (ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव और युद्ध) के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई में आई रुकावट से प्रभावित है। भारत एलपीजी का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है, और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण रूट पर तनाव बढ़ने से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। सरकार ने पहले ही रिफाइनरियों को घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और प्राथमिकता देने के आदेश दिए हैं, ताकि आम घरों में रसोई गैस की कमी न हो। इसी क्रम में कमर्शियल उपयोग को प्राथमिकता से हटाया गया है।
किन-किन पर पड़ेगा असर?
होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग बिजनेस: ये बड़े पैमाने पर 19 किलो या उससे बड़े कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं। सप्लाई रुकने से खाना पकाने में दिक्कत आएगी, शादियों-समारोहों में भी किल्लत हो सकती है।
औद्योगिक इकाइयां: फैक्टरियां, छोटे-मध्यम उद्योग जहां बड़ी मात्रा में कमर्शियल गैस की जरूरत होती है, सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। उत्पादन प्रभावित हो सकता है। एलपीजी डीलर्स: उनके पास मौजूदा स्टॉक खत्म होने तक ही सप्लाई होगी। नए ऑर्डर नहीं लिए जा रहे, जिससे बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। घरेलू उपभोक्ता: अभी घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है, लेकिन अगर संकट लंबा चला तो अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।
कंपनियों ने देर रात ये निर्देश जारी किए हैं, और बाजार में चर्चा है कि यह अस्थायी कदम है ताकि घरेलू स्टॉक सुरक्षित रहे। हालांकि, तेल कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज नहीं आई है, लेकिन एजेंसियों को मिले मैसेज और बाजार की सूचनाओं से यह साफ है।हालात: राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों (जैसे पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा) में भी यही स्थिति है। सरकार का फोकस घरेलू रसोई गैस को प्राथमिकता देने पर है। अगर तनाव बढ़ा तो कीमतों में और उछाल आ सकता है (पहले ही घरेलू सिलेंडर ₹60 और कमर्शियल ₹114-115 महंगा हो चुका है)।