राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला अधिकारियों को सौंपी अपनी सुरक्षा की कमान
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 पर हनुमानगढ़ में राज्य स्तरीय समारोह के दौरान अपनी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी महिला पुलिस अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को सौंप दी। उन्होंने महिलाओं को समाज की रीढ़ बताते हुए विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं की उपलब्धियां गिनाईं, 1008 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया और कहा कि महिला सशक्तिकरण राष्ट्र की प्रगति की कुंजी है।
हनुमानगढ़, 9 मार्च 2026: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक अनोखा और प्रेरणादायक कदम उठाया। उन्होंने अपनी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी महिला पुलिस अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को सौंप दी। यह घटना हनुमानगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय महिला दिवस समारोह के दौरान हुई, जहां मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और परियोजनाओं का शिलान्यास किया।समारोह धान मंडी में आयोजित हुआ था। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही राष्ट्र की प्रगति की कुंजी है।
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में उदाहरण दिया और कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में कर्नल सोफिया कुरेशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह की बहादुरी, साथ ही खेल में पीवी सिंधु, स्मृति मंधाना, मीराबाई चानू, हरमनप्रीत कौर, मनु भाकर और अवनी लेखारा जैसी महिलाओं की सफलताओं की सराहना की।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि स्वच्छ भारत मिशन से 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बने हैं, जो महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा बढ़ाते हैं। उज्ज्वला योजना से 11 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना में 70 प्रतिशत से अधिक घर महिलाओं के नाम पर या संयुक्त रूप से हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिला है।राजस्थान सरकार की उपलब्धियों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 16 लाख से अधिक लाखपति दीदी बनाई जा चुकी हैं। करीब 1.39 लाख स्वयं सहायता समूहों को 679 करोड़ रुपये की आजीविका सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना से 19 लाख से अधिक महिलाओं को 6,876 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 27,000 से अधिक लड़कियों की शादी के लिए 101 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।
लाड़ो प्रोत्साहन योजना के तहत गरीब परिवारों में जन्मी लड़कियों को 1.5 लाख रुपये सात किस्तों में दिए जाते हैं, जिससे छह लाख से अधिक लड़कियां लाभान्वित हुई हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मां वाउचर योजना भी महिलाओं के कल्याण में अहम भूमिका निभा रही हैं।महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर नियंत्रण के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जांच का औसत समय 2020 के 128 दिनों से घटकर 52 दिनों पर आ गया है, और ऐसे मामलों में लगभग 10 प्रतिशत की कमी आई है।समारोह में मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ में 1,008 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
उन्होंने लाड़ो प्रोत्साहन योजना पोर्टल लॉन्च किया और कई योजनाओं के लाभार्थियों को डीबीटी से धनराशि ट्रांसफर की। पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना और स्वयं सहायता समूहों को ऋण वितरण के चेक दिए गए। साथिन गाइड का डिजिटल लॉन्च किया गया और पन्ना धाई सुरक्षा एवं सम्मान योजना के तहत पुरस्कार प्रदान किए गए।उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार महिलाओं को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी से पहुंचा रही है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि महिलाओं के सशक्तिकरण को मजबूत करेगी।सुरक्षा व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने कहा, "कार्यक्रम के दौरान महिला अधिकारियों द्वारा सुरक्षा की पूरी कमान संभालना बहुत प्रेरणादायक है। इन जांबाज बेटियों का अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा प्रदेश की हर नारी के लिए प्रेरणा है।
आपकी दक्षता और सेवा भाव को मेरा सादर नमन।"यह कदम महिला दिवस पर नारी शक्ति को सम्मान देने का एक मजबूत संदेश बना और राजस्थान में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।