बाड़मेर की बेटी दिव्या ने रचा इतिहास, 12th बोर्ड में 99.80 लाकर बनी स्टेट टॉपर
बाड़मेर जिले के किशन का तला सोमराड़ गांव की दिव्या ने राजस्थान बोर्ड कक्षा 12वीं के परिणाम 2026 में पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। शेखावाटी स्कूल लोसल (सीकर) से पढ़ने वाली दिव्या की यह सफलता ग्रामीण राजस्थान की बेटियों के लिए प्रेरणा है।
राजस्थान बोर्ड कक्षा 12वीं के परिणाम आज जारी हो गए हैं। इसमें बाड़मेर जिले की एक प्रतिभाशाली बेटी दिव्या ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर बाजी मार ली है। यह उपलब्धि न केवल बाड़मेर जिले बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व की बात है, खासकर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली छात्रा के लिए।
दिव्या बाड़मेर जिले के किशन का तला (Kishan Ka Tala) स्थित सोमराड़ (Somrad) गांव की निवासी हैं। जहां शिक्षा की सुविधाएं सीमित हैं और चुनौतियां काफी अधिक होती हैं। गांव की साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद दिव्या ने अपनी लगन, मेहनत और समर्पण से राज्य स्तर पर टॉप किया। उनके माता-पिता और परिवार ने भी उनकी पढ़ाई में पूर्ण सहयोग दिया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर देखने को नहीं मिलता।
दिव्या ने अपनी 12वीं की पढ़ाई सीकर जिले के लोसल स्थित शेखावाटी स्कूल (Shekhawati School, Losal) से की। यह स्कूल पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और कई मेधावी छात्रों को तैयार कर चुका है। दूर के गांव से सीकर तक का सफर तय कर पढ़ाई करना खुद में एक बड़ी चुनौती है, लेकिन दिव्या ने इसे सफलतापूर्वक पार किया। स्कूल के शिक्षकों और प्रबंधन ने भी उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE), अजमेर द्वारा आज सुबह परिणाम घोषित किए गए। लगभग 9 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा में भाग लिया था। दिव्या का राज्य स्तर पर प्रथम स्थान पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। उनके गांव सोमराड़ और बाड़मेर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। परिवार, रिश्तेदार, पड़ोसी और स्कूल के साथी सभी दिव्या को बधाई दे रहे हैं।
दिव्या की यह सफलता ग्रामीण राजस्थान की लड़कियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी। यह साबित करता है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी प्रतिकूल हों, सही दिशा में मेहनत और लक्ष्य की स्पष्टता से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। बाड़मेर जैसे क्षेत्र में जहां बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है, दिव्या की कहानी एक सकारात्मक उदाहरण है।आगे की राहदिव्या अब उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने की योजना बना रही हैं। उनकी सफलता पर बोर्ड अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक नेताओं की ओर से भी बधाई संदेश दी जा रही है।
शेखावाटी स्कूल लोसल भी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।यह परिणाम राजस्थान बोर्ड के इतिहास में खास है क्योंकि इस बार परीक्षाएं मार्च में पूरी हुईं और परिणाम भी अपेक्षाकृत जल्दी घोषित किए गए।
दिव्या को हार्दिक बधाई! उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राजस्थान के युवाओं को प्रेरित करेगी। भविष्य में दिव्या और भी बड़ी सफलताएं हासिल करें, यही कामना है।