रिजल्ट से 11 दिन पहले छात्रा की मौत: 12वीं आर्ट्स में 93.80% अंक पाकर भी नहीं देख पाई सफलता
गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल 7 केएन, श्रीगंगानगर की 12वीं आर्ट्स की मेहनती छात्रा नकिता को रिजल्ट में 93.80 प्रतिशत अंक मिले, लेकिन रिजल्ट आने से 11 दिन पहले ही 20 मार्च को बुखार और पीलिया से बीकानेर अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मजदूर माता-पिता की बेटी ने परीक्षा में खूब मेहनत की थी, जिसके परिणाम देखने से पहले ही वह दुनिया छोड़ गई। परिवार सफलता पर गर्व के साथ दुख भी मना रहा है।
श्रीगंगानगर। मेहनत और लगन की मिसाल बन चुकी गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल 7 केएन की 12वीं आर्ट्स की छात्रा नकिता का रिजल्ट तो बेहद शानदार रहा, लेकिन वह खुद इस सफलता को देखने के लिए जिंदा नहीं रही। रिजल्ट घोषित होने से महज 11 दिन पहले ही उसकी मौत हो गई।
नकिता को 12वीं आर्ट्स में 93.80 प्रतिशत अंक मिले हैं। परीक्षा के दौरान उसने काफी मेहनत की थी और परिवार वाले उसके रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। 20 मार्च को बुखार के बाद पीलिया की शिकायत होने पर उसे बीकानेर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिवार की खुशी और गम का मिला-जुला एहसास
नकिता के पिता मंगल सिंह ने बताया, “हम बेटी के रिजल्ट से काफी खुश हैं। उसने एग्जाम के दौरान काफी मेहनत की थी और नंबर भी अच्छे आए हैं।”मंगल सिंह और उनकी पत्नी मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। नकिता उनकी बेटी थी, जिसने गरीबी के बावजूद पढ़ाई में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। परिवार अब इस बात पर गर्व महसूस कर रहा है कि उनकी बेटी ने इतने अच्छे अंक हासिल किए, लेकिन साथ ही उसकी असामयिक मौत का दर्द भी उन्हें साल रहा है।
घटना का क्रम
नकिता को शुरू में बुखार हुआ।इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने पर पीलिया की पुष्टि हुई।उसे बीकानेर के एक अस्पताल में एडमिट किया गया।20 मार्च को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।रिजल्ट आने से ठीक 11 दिन पहले यह घटना हुई, जिससे पूरा परिवार सदमे में है। स्कूल और स्थानीय लोग भी इस दर्दनाक घटना से हैरान हैं। नकिता जैसी मेहनती छात्रा का जाना न सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि स्कूल के लिए भी बड़ा नुकसान माना जा रहा है।