एक कॉल… और खाते से गायब 6 लाख! जयपुर में ‘बैंक अधिकारी’ बनकर ठगों ने खेला बड़ा खेल, सच जानकर रह जाएंगे दंग
जयपुर के होटल में ठहरे युवक को एक कॉल आया… कुछ ही मिनटों में सब कुछ बदल गया। भरोसे के नाम पर हुआ ऐसा खेल कि खाते से 6 लाख रुपए साफ हो गए। आखिर कैसे हुआ ये पूरा साइबर फ्रॉड? जानिए पूरी कहानी…
राजस्थान की राजधानी जयपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीकानेर से जयपुर आए एक युवक को शातिर साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाते हुए लाखों रुपए की चपत लगा दी।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक जयपुर के सिंधी कैंप इलाके में स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था। इसी दौरान उसके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और बेहद आत्मविश्वास और पेशेवर अंदाज में युवक से बात की। ठग ने बैंक खाते से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी अपडेट करने का बहाना बनाया और धीरे-धीरे युवक को अपने जाल में फंसा लिया।
बातचीत के दौरान ठग ने इतनी चालाकी दिखाई कि युवक को जरा भी शक नहीं हुआ। उसने अपनी बैंक से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा कर दी। कुछ ही देर बाद उसके मोबाइल पर लगातार ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे। जब उसने तुरंत अपना बैंक अकाउंट चेक किया, तो उसके होश उड़ गए—साइबर अपराधी उसके खाते से करीब 6 लाख रुपए निकाल चुके थे।
घटना का अहसास होते ही युवक तुरंत सिंधी कैंप थाने पहुंचा और मामले की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की टीम अब कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
बढ़ता साइबर क्राइम:
आज के डिजिटल दौर में साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। खासकर ‘बैंक अधिकारी’ बनकर कॉल करना और लोगों से ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी लेना एक आम तरीका बन गया है।
पुलिस की अपील:
पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है—
किसी भी अनजान कॉल पर अपनी बैंक डिटेल साझा न करें
ओटीपी, पासवर्ड या CVV नंबर किसी को न बताएं
संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत पुलिस या बैंक से संपर्क करें