एनएसयूआई राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं जोधपुर जिले के रजलानी युवा सरपंच पारस गुर्जर ने डीएनटी समाज के अधिकारों के लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया

एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं रजलानी युवा सरपंच पारस गुर्जर ने भोपालगढ़ में डीएनटी प्रमाण-पत्र कैंप में रायका-देवासी-रेबारी को एक ही मानने की मांग को लेकर अधिकारियों को लताड़ लगाई। सुधार न होने पर उन्होंने पंचायत समिति परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया, रात भर ठंड में वहीं भोजन कर सोए। डीएनटी समाज के अधिकारों की लड़ाई में यह मजबूत कदम।

Jan 20, 2026 - 11:14
एनएसयूआई राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं जोधपुर जिले के रजलानी युवा सरपंच पारस गुर्जर ने डीएनटी समाज के अधिकारों के लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया

जोधपुर, 20 जनवरी 2026: राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित भोपालगढ़ में राज्य सरकार द्वारा आयोजित घुमंतु (डीएनटी - Denotified and Nomadic Tribes) समाज के प्रमाण-पत्र वितरण शिविर में गंभीर अनियमितताओं और भेदभाव के खिलाफ एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा रजलानी ग्राम पंचायत के युवा सरपंच/प्रशासक पारस गुर्जर ने मजबूत आवाज उठाई है। उन्होंने आज (19 जनवरी 2026) मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सुधार न होने तक भोपालगढ़ पंचायत समिति परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

समस्या की जड़ यह है कि भोपालगढ़ में चल रहे इस विशेष कैंप में रायका (रेबारी) और देवासी समाज के लोगों के प्रमाण-पत्र नहीं बनाए जा रहे थे। सरकारी दिशा-निर्देशों या सूची में केवल "रेबारी" जाति का ही उल्लेख किया गया है, जबकि रायका, देवासी और रेबारी एक ही समुदाय के विभिन्न उप-समूह या समान जातीय समूह माने जाते हैं। इन तीनों को एक ही माना जाता है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इस भाषाई/नामकरण की त्रुटि के कारण समाज के हजारों लोग परेशान हो रहे हैं। प्रमाण-पत्र न बनने से उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं, आरक्षण, छात्रवृत्ति और अन्य लाभों से वंचित होना पड़ रहा है।

इसके अलावा, डीएनटी की अन्य जातियों के लोगों को भी गुमराह किया जा रहा था, उन्हें इधर-उधर भटकाया जा रहा था, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। जब प्रभावित लोगों ने पारस गुर्जर से संपर्क किया, तो उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर तहसीलदार और कैंप प्रभारी को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि "रेबारी, रायका और देवासी एक ही हैं" और इस गलत भाषा/सूची में तत्काल सुधार किया जाए।

जब अधिकारियों से कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला, तो पारस गुर्जर ने भोपालगढ़ पंचायत समिति परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। उन्होंने रात्रि का भोजन धरना स्थल पर ही किया और बिस्तर मंगवाकर वहीं सो गए। यह धरना रात भर जारी रहा और ठंडी रात में भी उनका संघर्ष जारी है।

इस दौरान गरासनी सरपंच रामदयाल जाखड़, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सलीम ठेकेदार, भोपालगढ़ युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष मनोहर मेघवाल सहित अन्य स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी उनके साथ धरने पर शामिल हुए। पारस गुर्जर ने समाज के हक के लिए यह कदम उठाकर डीएनटी समुदाय में एक नई ऊर्जा भर दी है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.