"चित्तौड़गढ़: मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग मान्यता विवाद, 17 कश्मीरी छात्र गिरफ्तार; एक ने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश"
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग कोर्स की राजस्थान नर्सिंग काउंसिल (RNC) और इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) से मान्यता न मिलने के कारण पिछले 27 दिनों से मुख्य रूप से कश्मीरी छात्र (केंद्र की सद्भावना योजना के तहत दाखिला) प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि विज्ञापनों में मान्यता का दावा किया गया था, लेकिन डिग्री अवैध होने से उनका भविष्य और नौकरी खतरे में है। सोमवार (9 मार्च 2026) प्रदर्शन उग्र हो गया, एक छात्र ने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की। पुलिस ने राजकार्य में बाधा, आत्मदाह प्रयास और अन्य आरोपों में 17 कश्मीरी छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जमानत सुनवाई 10 मार्च को होनी है। छात्र भावुक होकर रोते हुए कह रहे हैं कि यूनिवर्सिटी उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। पहले भी 33 छात्रों (30 कश्मीरी) को सस्पेंड किया गया था।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी (Mewar University, Gangrar) में बीएससी नर्सिंग कोर्स की मान्यता को लेकर बड़ा विवाद और छात्र आंदोलन चल रहा है। मुख्य रूप से कश्मीरी छात्रों (केंद्र सरकार की सद्भावना योजना के तहत दाखिला लिया) ने पिछले 27 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि यूनिवर्सिटी ने उनके कोर्स को राजस्थान नर्सिंग काउंसिल (RNC) और इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) से आवश्यक मान्यता नहीं ली है। इससे उनकी डिग्री अवैध मानी जा सकती है, जिससे भविष्य में नौकरी, रजिस्ट्रेशन और करियर पर गहरा असर पड़ सकता है।
हादसा और गिरफ्तारी का विवरण (सोमवार, 9 मार्च 2026)
प्रदर्शन के दौरान कैंपस में छात्रों ने नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया।एक छात्र ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की (पुलिस ने रोक लिया)।छात्र भावुक होकर रोने लगे और पुलिस से कहा: "हमारी डिग्री की वैल्यू नहीं रहेगी तो क्या करेंगे? हमारे मां-बाप रो रहे हैं। आपके बच्चे नहीं हैं क्या? यूनिवर्सिटी बार-बार बहाने बना रही है, हमारा भविष्य खराब कर रही है।"पुलिस ने प्रदर्शन को राजकार्य में बाधा, बलवा, आत्मदाह की कोशिश, पुलिस वर्दी पर हाथ डालने आदि आरोपों में 17 कश्मीरी छात्रों को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया।
गिरफ्तार छात्रों के नाम (उम्र 21-23 वर्ष के बीच, जम्मू-कश्मीर निवासी):
फैजान (22) पुत्र मोहम्मद अकबर वानी,बिलाल (22) पुत्र अब्दुल अहद डार,सुपरफराज हसन (22) पुत्र गुलाम हसन खांडे,बुरहानुद्दीन (23) पुत्र जावेद अहमद शेख,आदिल (22) पुत्र फारूक अहमद लोन,अजगर रजा (22) पुत्र मोहम्मद सादिक रजा,बाबर (22) पुत्र सादिक पुत्र मोहम्मद सादिक शेख,इसरत हुसैन (22) पुत्र सबीरुद्दीन शेख,शाहबाज (22) पुत्र फरीद अहमद वानी,आकिब (22) पुत्र बशीर अहमद लोन,शाकिब मलिक (23) पुत्र जावेद मलिक,उबैद (21) पुत्र मकसूद वागेह,साहिल अहमद तातरे (22) पुत्र नूरुद्दीन तातरे,आकिब अहमद वार (21) पुत्र मुस्ताक अहमद वार,उमर गुल (21) पुत्र गुलाम अहमद,कामरान (22) पुत्र अब्दुल कय्यूम शेख,अबरार (22) पुत्र फारूक अहमद मीर,(सभी जम्मू-कश्मीर से हैं और बीएससी नर्सिंग के छात्र हैं।)
बैकग्राउंड और पहले की घटनाएं
छात्रों (2022 बैच, फाइनल ईयर) ने विज्ञापनों में देखा था कि मेवाड़ यूनिवर्सिटी का बीएससी नर्सिंग कोर्स RNC और INC से मान्यता प्राप्त है, इसलिए एडमिशन लिया।बाद में पता चला कि मान्यता नहीं है, जिससे डिग्री वैध नहीं मानी जाएगी।फरवरी 2026 में यूनिवर्सिटी ने 33 छात्रों (जिनमें 30 कश्मीरी) को सस्पेंड कर दिया था, क्योंकि वे धरने पर बैठे थे।JKSA (जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन) ने भी इसकी निंदा की और राजस्थान सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
छात्रों का आरोप: यूनिवर्सिटी प्रशासन उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है, लाखों रुपये खर्च करने के बाद डिग्री बेकार हो जाएगी।
पुलिस का पक्ष: गंगरार थाने के SHO श्यामाराम ने बताया कि आत्मदाह प्रयास और अन्य आरोपों में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई।यह मामला अब कोर्ट पहुंच गया है, जहां गिरफ्तार छात्रों की जमानत पर सुनवाई हो रही है। छात्रों और उनके परिवारों में गहरा आक्रोश है, क्योंकि रमजान के दौरान भी यह घटना हुई। जम्मू-कश्मीर से आए छात्रों का कहना है कि वे रोजेदार थे और प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने सख्ती की।