LPG को लेकर नया आदेश जारी, घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाएगी पहली प्राथमिकता...

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित गैस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 5 मार्च 2026 के आदेश के तहत रिफाइनरी कंपनियों को प्रोपेन और ब्यूटेन का उपयोग केवल LPG बनाने के लिए करने के निर्देश दिए गए हैं। तैयार गैस केवल Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited को दी जाएगी, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध गैस सप्लाई मिल सके। साथ ही कमर्शियल और निजी कंपनियों के LPG सिलेंडरों पर भी रोक लगा दी गई है।

Mar 7, 2026 - 17:26
LPG को लेकर नया आदेश जारी, घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाएगी पहली प्राथमिकता...

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे संभावित असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने घरेलू गैस को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। 5 मार्च 2026 को जारी आदेश में सरकार ने देश की सभी रिफाइनरी कंपनियों को निर्देश दिया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का उपयोग केवल LPG (रसोई गैस) बनाने के लिए किया जाए, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

सरकारी तेल कंपनियों को ही दी जाएगी LPG गैस

सरकार के निर्देश के अनुसार रिफाइनरियों से तैयार होने वाली LPG गैस अब केवल सरकारी तेल कंपनियों— Indian Oil Corporation Limited (IOCL), Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) और Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL)—को ही उपलब्ध कराई जाएगी। इन कंपनियों को भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि गैस की सप्लाई मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं तक ही सीमित रखी जाए।

कमर्शियल और प्राइवेट LPG सिलेंडर पर लगाई गई रोक

नए आदेश के तहत कमर्शियल गैस सिलेंडर और निजी कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले LPG सिलेंडरों पर भी रोक लगाने का फैसला किया गया है। अब आम लोगों को गैस सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर के रूप में ही उपलब्ध कराया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घरेलू जरूरतों के लिए गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो।

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई रिफाइनरी या संबंधित कंपनी इन निर्देशों का पालन नहीं करती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को आदेश के सख्ती से पालन की निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

घरेलू उपभोक्ताओं की आपूर्ति बनाए रखना मुख्य उद्देश्य

विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए एक एहतियाती कदम है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक स्तर पर किसी भी तरह की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी देश के घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की कमी का सामना न करना पड़े।