कोटा में सड़क हादसे में प्रॉपर्टी डीलर नितेश दाधीच की मौत: माता के दर्शन के बाद पैदल घर लौटते समय लगी अज्ञात वाहन से टक्कर, सिर और पैर में गंभीर चोटें
कोटा के उद्योग नगर क्षेत्र में 16 मार्च को ढाढ़ देवी माता के दर्शन कर पैदल घर लौट रहे 36 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर नितेश दाधीच को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट और पैर में फ्रैक्चर के साथ न्यू मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती हुए नितेश की 18 मार्च तड़के इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम और किसी कार्रवाई से इनकार कर शव ले लिया।
कोटा, 18 मार्च 2026 – राजस्थान के कोटा शहर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार को सूना कर दिया है। प्रॉपर्टी डीलर नितेश दाधीच (उम्र 36 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा 16 मार्च की शाम को हुआ, जब वह ढाढ़ देवी माताजी के दर्शन कर पैदल घर लौट रहे थे।
नितेश दाधीच निवासी जय हिंद नगर, बारां रोड, कोटा थे। बड़े भाई राकेश दाधीच के अनुसार, नितेश 16 मार्च को घर से पैदल ही ढाढ़ देवी माताजी के मंदिर दर्शन के लिए निकले थे। दर्शन पूजन के बाद शाम के समय वे पैदल ही घर की ओर लौट रहे थे। उद्योग नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत उम्मेदगंज पुलिया के पास अचानक हादसा हो गया।
परिजनों को मिली जानकारी के मुताबिक, किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हालांकि, यह भी संभव है कि वे खुद संतुलन बिगड़ने से गिर गए हों, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने अज्ञात वाहन से टक्कर की बात कही। हादसे में नितेश के सिर पर गंभीर चोट आई और एक पैर में फ्रैक्चर हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और उन्हें न्यू मेडिकल हॉस्पिटल पहुंचाया। परिजनों को भी सूचना दी गई, जिन्होंने अस्पताल पहुंचकर देखा कि नितेश की हालत गंभीर है। पिछले दो दिनों से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन आज (18 मार्च) तड़के उनकी मौत हो गई।
उद्योग नगर थाने के एएसआई गिरिराज मीणा ने बताया कि नितेश घायल अवस्था में सड़क पर पड़े मिले थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने घटना को लेकर कोई शंका या शक जाहिर नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी तरह की पुलिस कार्रवाई या कानूनी प्रक्रिया नहीं चाहते। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम भी नहीं करवाने की बात कही और लिखित में पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने बिना पोस्टमॉर्टम के शव परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों का कहना है कि नितेश धार्मिक भावना से माता के दर्शन करने गए थे और वापसी में यह हादसा हुआ। वे इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं और आगे कोई विवाद या जांच नहीं चाहते।