कोटा में कचरा गाड़ी की मॉनिटरिंग अब मोबाइल ऐप से होगी: एक महीने में शुरू होगा सिस्टम

कोटा नगर निगम कचरा गाड़ियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए जीपीएस आधारित मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। इंदौर मॉडल से प्रेरित इस सिस्टम को दिसंबर 2025 तक पूरा कर जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। प्रशासक पियूष समारिया के निर्देश पर निगम के सभी कामों को भी ऑनलाइन किया जाएगा।

Nov 22, 2025 - 16:49
कोटा में कचरा गाड़ी की मॉनिटरिंग अब मोबाइल ऐप से होगी: एक महीने में शुरू होगा सिस्टम

कोटा। राजस्थान के कोटा नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को और पारदर्शी व प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब घर-घर कचरा इकट्ठा करने वाली गाड़ियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग एक मोबाइल ऐप के जरिए होगी। निगम के प्रशासक पियूष समारिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह ऐप अगले एक महीने (दिसंबर 2025 तक) में पूरी तरह तैयार कर लिया जाए, ताकि जनवरी 2026 से इसका उपयोग शुरू हो सके।

क्या होगा इस ऐप में? कचरा गाड़ियों में जीपीएस डिवाइस लगाई जाएंगी। ऐप के जरिए यह पता चल सकेगा कि गाड़ी किस रूट पर है, कितना समय लग रहा है, किन क्षेत्रों में कचरा उठाया गया और किन क्षेत्रों में छूट गया। आम नागरिक भी ऐप डाउनलोड करके अपनी कॉलोनी में कचरा गाड़ी के आने का समय देख सकेंगे। अगर कोई गाड़ी अपने निर्धारित रूट से भटकती है या समय पर नहीं पहुंचती, तो तुरंत अलर्ट मिलेगा। सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति, गाड़ी का फ्यूल खर्च, ड्राइवर की ड्यूटी आदि की भी मॉनिटरिंग हो सकेगी।

इंदौर मॉडल से प्रेरणा;  बैठक में प्रशासक पियूष समारिया ने सबसे पहले उन निगम अधिकारियों व कर्मचारियों से फीडबैक लिया जो हाल ही में देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की स्टडी टूर पर गए थे। इंदौर में ठीक इसी तरह की जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम और नागरिक ऐप की वजह से सफाई व्यवस्था बेहतरीन चल रही है। कोटा निगम उसी मॉडल को यहाँ लागू करने जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में इस सिस्टम से शिकायतें 80% तक कम हो गई हैं और कचरा गाड़ियां 98% निर्धारित रूट कवर कर रही हैं।निगम के सभी काम होंगे ऑनलाइनप्रशासक ने साफ निर्देश दिए हैं कि सिर्फ कचरा गाड़ी ही नहीं, बल्कि निगम के सारे काम धीरे-धीरे ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाए जाएं। इसमें शामिल हैं:संपत्ति कर जमा करना ,जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र ,भवन अनुमति आवेदन ,स्ट्रीट लाइट, जलभराव, अतिक्रमण आदि की शिकायतें ,ठेकेदारों के बिल पास करना। इन सबके लिए एक ही पोर्टल और मोबाइल ऐप बनाया जाएगा ताकि नागरिकों को बार-बार निगम कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

नागरिकों को होगा सीधा फायदा;  तय समय पर कचरा गाड़ी आएगी, सुबह की भागदौड़ में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अगर गाड़ी नहीं आई तो तुरंत शिकायत दर्ज होगी और जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी। पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम लगेगी। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.