खाटूश्यामजी मंदिर में मॉक ड्रिल: दो 'आतंकवादियों' ने कमेटी ऑफिस में घुसकर सुरक्षा गार्ड को बनाया बंधक, ATS-ERT ने त्वरित कार्रवाई कर दोनों को ढेर किया

सीकर के प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में फाल्गुनी मेले के बाद ATS-ERT ने आतंकी हमले की काल्पनिक स्थिति पर मॉक ड्रिल आयोजित की। दो 'आतंकवादियों' ने मंदिर कमेटी ऑफिस में घुसकर सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाया, जिसके बाद ERT जवानों ने त्वरित कार्रवाई कर दोनों को ढेर किया और बंधक को सुरक्षित बाहर निकाला। यह अभ्यास मंदिर की सुरक्षा को मजबूत करने और आपात स्थिति में तैयार रहने के लिए किया गया, जिसमें शुरुआत में श्रद्धालुओं में हड़कंप मचा लेकिन बाद में राहत हुई।

Mar 6, 2026 - 13:38
खाटूश्यामजी मंदिर में मॉक ड्रिल: दो 'आतंकवादियों' ने कमेटी ऑफिस में घुसकर सुरक्षा गार्ड को बनाया बंधक, ATS-ERT ने त्वरित कार्रवाई कर दोनों को ढेर किया

सीकर, राजस्थान: विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी मंदिर में फाल्गुनी मेला समाप्त होने के तुरंत बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में एक काल्पनिक आतंकी हमले का सीन क्रिएट किया गया, जिसमें दो हथियारबंद आतंकवादियों ने मंदिर कमेटी ऑफिस में घुसकर एक कर्मचारी (सुरक्षा गार्ड) को बंधक बना लिया। एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की ERT (Emergency Response Team) ने बेहद सटीक और तेज कार्रवाई करते हुए दोनों 'आतंकवादियों' को ढेर कर दिया तथा बंधक को सुरक्षित बाहर निकाला।

मॉक ड्रिल का विस्तृत परिदृश्य

मॉक ड्रिल के दौरान यह सीन बनाया गया कि मंदिर कमेटी ऑफिस के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित अध्यक्ष के कमरे में दो हथियारों से लैस आतंकवादी अचानक घुस जाते हैं। वे वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड को अपने कब्जे में ले लेते हैं और हथियारों की नोंक पर उसे बंधक बना लेते हैं। सूचना मिलते ही ATS-ERT के जवान मंदिर के चारों ओर से त्वरित गति से दाखिल होते हैं। वे पेशेवर तरीके से स्थिति को नियंत्रित करते हुए कुछ ही मिनटों में दोनों आतंकवादियों को निष्क्रिय (ढेर) कर देते हैं।

इसके बाद 'आतंकवादियों' के शवों को मंदिर कमेटी के कंट्रोल रूम के बाहर लाया जाता है, जहां उनकी पूरी तलाशी ली जाती है। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियारों के साथ-साथ कई अन्य संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद की जाती हैं। पूरे अभ्यास के दौरान कोई वास्तविक हानि नहीं हुई, क्योंकि यह पूरी तरह से नियोजित और सुरक्षित मॉक ड्रिल थी।

ATS-ERT की भूमिका और तैयारी

ERT टीम ने इस ऑपरेशन में अपनी तत्परता और समन्वय का शानदार प्रदर्शन किया। टीम में सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार (कमांडर), हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार और प्रदीप जैसे जवान शामिल थे। यह ड्रिल मंदिर में हर साल आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई, खासकर मेले के बाद जब भीड़ कम होती है लेकिन खतरा बना रहता है।यह पहली बार नहीं था जब खाटूश्यामजी मंदिर में ऐसी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। ATS-ERT ने पहले भी कई बार यहां ऐसी अभ्यास कर चुकी है, जिससे सुरक्षा बलों की तैयारी और स्थानीय प्रशासन का समन्वय लगातार मजबूत होता जा रहा है।

श्रद्धालुओं में हड़कंप, बाद में राहत

हालांकि यह मॉक ड्रिल थी, लेकिन हथियारबंद जवानों की अचानक मौजूदगी और ऑपरेशन की तेजी से मंदिर परिसर में मौजूद कुछ श्रद्धालुओं में शुरुआत में हड़कंप मच गया। जब उन्हें पता चला कि यह सुरक्षा अभ्यास था, तो सभी ने राहत की सांस ली और जवानों की तारीफ की। मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने ERT टीम के जवानों का विशेष आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी ड्रिलें मंदिर की सुरक्षा को और भी पुख्ता बनाती हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.