जयपुर में दहेज प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता ने की आत्महत्या: मासूम बेटे के सामने जहर खाया, अस्पताल में तोड़ा दम
जयपुर में दहेज की मांग और ससुरालवालों की लगातार मारपीट व मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर 32 वर्षीय श्वेता राव ने अपने 4 महीने के मासूम बेटे के सामने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। शादी के मात्र 5 महीने बाद ही पीहर आई श्वेता को ससुरालवाले फोन पर भी धमकियां दे रहे थे। पुलिस ने पति और ससुरालवालों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया है।
जयपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दहेज की मांग और ससुरालवालों की लगातार प्रताड़ना से परेशान एक नवविवाहिता ने अपने चार महीने के मासूम बेटे के सामने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान श्वेता राव (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो रामनगर विस्तार की कटारिया कॉलोनी की निवासी थीं। उनकी शादी जुलाई 2024 में फतेहपुर शेखावाटी निवासी नरेश सिंह से हुई थी। दंपती का एक चार महीने का बेटा है।
घटना का विवरण पुलिस के अनुसार, श्वेता पिछले एक महीने से अपने मासूम बेटे के साथ अपने पीहर (जयपुर) में रह रही थीं। 21 दिसंबर 2025 की शाम करीब 4 बजे उन्होंने घर में रखी गेहूं की टंकी से जहर निकाला और कमरे में आकर अपने बेटे के सामने ही उसे निगल लिया। जहर खाने के बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और वह बेहोश होकर फर्श पर गिर पड़ीं।परिजनों ने उन्हें तुरंत जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार को डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल टीम की सूचना पर पुलिस ने अस्पताल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया।महेश नगर थाना पुलिस ने बुधवार को मृतका की मां की शिकायत पर पति नरेश सिंह और ससुरालवालों के खिलाफ दहेज हत्या (IPC की धारा 304B) का मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।
दहेज के लिए लगातार मारपीट और प्रताड़ना परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही पति नरेश सिंह (जो मार्केटिंग का काम करता है) और उसके परिवार वाले दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर श्वेता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। मुख्य रूप से 2 लाख रुपये नकद लाने का दबाव बनाया जाता था। आरोप है कि मारपीट आम बात थी और श्वेता ने यह सब अपनी आपबीती अपने पीहर वालों को बताई थी।श्वेता के शरीर पर मारपीट के कई निशान थे, जिनका इलाज जयपुर आने के बाद करवाया जा रहा था।
पुलिस की मदद से पीहर आई थीं श्वेता 13 नवंबर 2025 को जब श्वेता के परिजन उनसे मिलने फतेहपुर पहुंचे, तो ससुरालवालों ने उनके साथ भी गाली-गलौच और मारपीट की। इसके बाद परिजन फतेहपुर कोतवाली थाने पहुंचे और बेटी को दहेज प्रताड़ना की शिकायत की। पुलिस ने ससुरालवालों को बुलाया और श्वेता से उनकी आपबीती सुनी। श्वेता ने पीहर वालों के साथ जाना चाहा, जिस पर पुलिस ने उन्हें और उनके बेटे को जयपुर भेज दिया।
लगातार धमकियां दे रहे थे ससुरालवाले पीहर आने के बाद भी ससुरालवालों का टॉर्चर रुका नहीं। परिजनों का आरोप है कि नरेश और उसके परिवार वाले फोन पर श्वेता को लगातार धमकी देते थे। वे कहते थे:"सुसाइड कर ले, इससे नरेश दूसरी शादी कर लेगा।""तूने दहेज में कुछ नहीं लाया, दूसरी शादी से मोटा दहेज आएगा।""अगर सुसाइड नहीं किया तो तेरे मां-भाई को जान से मार देंगे।"इन धमकियों और लगातार मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर श्वेता ने यह कदम उठाया।