जयपुर में 11वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से स्विमिंग कोच ने की छेड़छाड़: दो साल से जारी थी ज्यादती, FIR दर्ज होने पर कोच मोबाइल बंद कर फरार
जयपुर के बजाज नगर में एक स्विमिंग कोच पर 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा से पिछले दो साल से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने अपनी मां को घटना बताई, जिसके बाद मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की, लेकिन आरोपी कोच मोबाइल बंद कर घर से फरार हो गया। SHO पूनम चौधरी जांच कर रही हैं।
जयपुर के बजाज नगर इलाके में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक स्विमिंग कोच पर 11वीं कक्षा पढ़ने वाली 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा से लगातार छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों का आरोप लगा है। पीड़िता की मां ने बजाज नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी कोच FIR दर्ज होने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ करके घर से फरार हो गया है, और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
घटना की पूरी जानकारी
पीड़िता एक प्राइवेट स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ती है और स्विमिंग ट्रेनिंग ले रही थी। पुलिस के अनुसार, पिछले दो साल से स्विमिंग ट्रेनिंग के दौरान आरोपी कोच लगातार छात्रा के साथ छेड़छाड़ करता आ रहा था। ट्रेनिंग सेशन में अश्लील हरकतें की जाती थीं, जिससे छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थी।
लंबे समय तक सहन करने के बाद आखिरकार नाबालिग छात्रा ने अपनी मां को पूरी आपबीती सुना दी। मां ने बेटी की बात सुनकर तुरंत बजाज नगर थाने पहुंचकर आरोपी स्विमिंग कोच के खिलाफ लिखित शिकायत दी। शिकायत में छात्रा ने कोच द्वारा ट्रेनिंग के समय की गई अश्लील हरकतों और छेड़छाड़ के बारे में विस्तार से बताया।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की फरारी
शिकायत मिलने के बाद बजाज नगर थाने की SHO पूनम चौधरी ने मामले की जांच शुरू की। पीड़िता के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है, क्योंकि पीड़िता नाबालिग है और मामला यौन शोषण से जुड़ा है।
FIR दर्ज होने के बाद आरोपी कोच ने ट्रेनिंग देना बंद कर दिया था। जैसे ही पुलिस कार्रवाई शुरू हुई, आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और घर से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है और उसे जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना एक बार फिर से यह साबित करती है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए अभिभावकों, स्कूलों और ट्रेनिंग सेंटरों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है। खासकर खेल और ट्रेनिंग से जुड़े कोचों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वे बच्चों के साथ लंबे समय तक अकेले में रहते हैं। POCSO एक्ट के तहत ऐसे मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है, और पुलिस को निर्देश है कि आरोपी को जल्द पकड़ा जाए।