जयपुर एयरपोर्ट पर AI आधारित 'लॉस्ट एंड फाउंड' सिस्टम: देश का पहला पूर्णतः ऑटोमेटेड हवाई अड्डा, अब सामान खोने की टेंशन खत्म!
जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने देश में पहली बार पूरी तरह से AI आधारित ऑटोमेटेड 'लॉस्ट एंड फाउंड' सिस्टम लॉन्च किया है। AI कैमरे अनअटेंडेड सामान की फोटो कैप्चर कर विवरण दर्ज करते हैं, जिससे यात्री वेबसाइट या ऐप से घर बैठे सामान चेक और क्लेम कर सकते हैं। ट्रायल में 85% से अधिक सामान मालिकों को वापस मिला। यह सुविधा 24x7 दोनों टर्मिनलों पर उपलब्ध है, जो यात्रा को तनावमुक्त बनाएगी।
एयरपोर्ट पर यात्रा करते समय बैग, पर्स, मोबाइल फोन या कोई कीमती सामान छूट जाना एक आम परेशानी रही है। घंटों इंतजार करना, लंबी लाइनों में खड़ा होना और अनिश्चितता – ये सब अब इतिहास बनने वाले हैं। राजस्थान की पिंक सिटी जयपुर में स्थित जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Jaipur International Airport) ने देश में पहली बार एक हाई-टेक AI आधारित 'लॉस्ट एंड फाउंड' सिस्टम लॉन्च किया है। यह सिस्टम पूरी तरह से ऑटोमेटेड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संचालित है, जो खोए हुए सामान को मिनटों में ढूंढने और वापस दिलाने में सक्षम है।
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (JIAL) ने इस innovativ सुविधा को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया है। दिसंबर 2025 के मध्य में घोषित इस सिस्टम के साथ जयपुर एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा हवाई अड्डा बन गया है, जहां दोनों टर्मिनलों (टर्मिनल 1 और टर्मिनल 2) पर 24 घंटे, साप्ताहिक सातों दिन यह सुविधा उपलब्ध है। यह न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा बल्कि एयरपोर्ट पर भरोसे और सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।
यह AI सिस्टम कैसे काम करता है? यह सिस्टम बेहद सरल लेकिन अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है: एयरपोर्ट परिसर में AI-सक्षम कैमरे (AI-enabled cameras) लगाए गए हैं। जैसे ही कोई सामान अनअटेंडेड (बिना मालिक के छूटा हुआ) पाया जाता है – चाहे वह बैग हो, वॉलेट, मोबाइल या कोई अन्य वस्तु – कैमरा तुरंत उसकी हाई-क्वालिटी फोटो कैप्चर कर लेता है। सामान का विवरण (description), स्थान (location), तारीख (date) और समय (time) स्वचालित रूप से सिस्टम में दर्ज हो जाता है। यह पूरी प्रक्रिया मैनुअल हस्तक्षेप के बिना होती है, जिससे समय की बचत होती है और मानवीय गलतियों की संभावना खत्म हो जाती है। खोए हुए सामान को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार सुरक्षित स्टोर किया जाता है। यात्री अब घर बैठे या कहीं से भी जयपुर एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट (www.adani.com/jaipur-airport) या Adani One ऐप के माध्यम से अपने खोए सामान की स्थिति चेक कर सकते हैं। यदि सामान मैच करता है, तो ऑनलाइन क्लेम करके इसे जल्दी वापस लिया जा सकता है। इसमें कोई लंबी लाइन या घंटों का इंतजार नहीं – पूरी प्रक्रिया डिजिटल और तेज है।
ट्रायल रन के आंकड़े बताते हैं सफलता की कहानी इस सिस्टम का ट्रायल रन पिछले तीन महीनों में किया गया, जिसमें चौंकाने वाले परिणाम सामने आए: 85% से अधिक खोए हुए सामान उनके असली मालिकों को सफलतापूर्वक वापस कर दिए गए। यह सफलता दर पारंपरिक मैनुअल सिस्टम की तुलना में कहीं बेहतर है, जहां सामान वापस मिलने में दिन या हफ्ते लग जाते थे। एयरपोर्ट प्रवक्ता के अनुसार, "यह कदम यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा स्टेप है। भविष्य में और अधिक AI-आधारित समाधान पेश किए जाएंगे।" इस innovativ पहल के लिए जयपुर एयरपोर्ट को हाल ही में क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) से गोल्ड अवॉर्ड भी मिला है।
यात्रियों के लिए फायदे तेज और आसान प्रक्रिया: मिनटों में सामान ट्रैक और क्लेम। 24x7 उपलब्धता: दोनों टर्मिनलों पर चौबीसों घंटे सेवा। सुरक्षा और पारदर्शिता: AI से कोई छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं। तनावमुक्त यात्रा: अब सामान खोने की चिंता कम, यात्रा ज्यादा सुखद और सुरक्षित। यह तकनीक जल्द ही भारत के अन्य एयरपोर्ट्स में भी लागू होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल जयपुर लीड कर रहा है। अगली बार जब आप जयपुर एयरपोर्ट से यात्रा करें, तो बेफिक्र रहिए – AI आपका ख्याल रखेगा!