पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का निधन: कैंसर से लंबी जंग हारकर 59 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री और दो बार थानागाजी से बीजेपी विधायक रहे हेम सिंह भड़ाना (59 वर्ष) का सोमवार सुबह कैंसर से लंबी जंग हारने के बाद निधन हो गया। वे पिछले 5-6 महीने से बीमार थे, हाल ही में ब्रेन हेमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती रहे थे। अलवर में उनके निवास पर अंतिम सांस ली। भाजपा ने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए, राजनीतिक-सामाजिक हलकों में शोक की लहर।

Feb 2, 2026 - 14:35
पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का निधन: कैंसर से लंबी जंग हारकर 59 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

राजस्थान की राजनीति में एक प्रमुख चेहरे और गुर्जर समाज के प्रभावशाली नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का सोमवार (2 फरवरी 2026) सुबह निधन हो गया। वे 59 वर्ष के थे। पिछले करीब 5-6 महीनों से वे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से अलवर जिले सहित पूरे प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। भाजपा ने उनके सम्मान में अलवर और आसपास के जिलों में सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं।

बीमारी और अंतिम क्षण

हेम सिंह भड़ाना पिछले कई महीनों से कैंसर से पीड़ित थे। हाल ही में उन्हें ब्रेन हेमरेज भी हुआ था, जिसके कारण वे हरियाणा के गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल में लगभग 15 दिनों तक भर्ती रहे। मात्र 5 दिन पहले ही उन्हें घर लाया गया था। सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें अलवर के हरीश हॉस्पिटल (एक निजी अस्पताल) की इमरजेंसी में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल निदेशक डॉ. हरीश गुप्ता ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे उन्हें लाया गया था और वे पहले ही अंतिम सांस ले चुके थे। कुछ रिपोर्टों में निधन का समय 7:30 बजे तक बताया गया है, और कुछ में यह उनके अलवर स्थित निवास पर हुआ बताया गया है।

राजनीतिक सफर: छात्र राजनीति से कैबिनेट मंत्री तक

हेम सिंह भड़ाना का जन्म 7 फरवरी 1966 को अलवर जिले के खैरथल-तिजारा क्षेत्र के गांव भगेरी कलां में हुआ था। उन्होंने अपना राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू किया। वे भाजपा से दो बार थानागाजी विधानसभा क्षेत्र (अलवर) से विधायक चुने गए।

पहली बार वे थानागाजी से विधायक बने और बाद में वसुंधरा राजे सरकार में राज्य मंत्री बनाए गए।दूसरी बार विधायक बनने के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला।वे अपनी साफगोई, बेबाक अंदाज और जमीनी जुड़ाव के लिए जाने जाते थे। अलवर शहर के वीर सावरकर नगर में रहने के बावजूद वे हर दिन थानागाजी क्षेत्र में जाकर आमजन से मिलते थे। बीमारी के दौरान भी वे लोगों से मिलना जारी रखे। 2023 के विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस के कांति प्रसाद मीणा से बहुत कम अंतर से हार गए थे।

परिवार और विरासत

हेम सिंह भड़ाना के परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं।बड़ा बेटा धीरेंद्र भड़ाना बिजनेसमैन हैं।छोटा बेटा सुरेंद्र भड़ाना राजनीति में सक्रिय हैं और भविष्य में उनके राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाने की संभावना है।

अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि

उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव किशनगढ़बास के भगेरी कलां में किया जाएगा। भाजपा के अलवर जिला मीडिया प्रभारी लक्ष्मीनारायण ने बताया कि पूर्व मंत्री के निधन के कारण पार्टी के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। विभिन्न राजनीतिक नेताओं, जिसमें केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य शामिल हैं, ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी है और दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को संबल की कामना की है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.