'राजस्थान की जनता ने RLP का इलाज नहीं किया': हनुमान बेनीवाल ने लगाया तीखा हमला, 250 गाड़ियों के काफिले के साथ अजमेर हाईवे जाम करने निकले

नागौर सांसद और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान की जनता पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने RLP को वोट नहीं दिया, जिससे पार्टी को विधानसभा में मजबूत स्थिति नहीं मिली। बजरी माफिया पर कार्रवाई का दावा करते हुए उन्होंने किसानों के अवैध खनन विरोधी आंदोलन को तेज किया। रियांबड़ी में 8 दिनों से चल रहे धरने को 'महापड़ाव' में बदलकर उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया और 250 गाड़ियों के काफिले के साथ NH-59 (नागौर-अजमेर हाईवे) जाम करने निकले। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो रेलवे ट्रैक भी जाम करने की चेतावनी दी। पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाई है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

Jan 13, 2026 - 17:39
'राजस्थान की जनता ने RLP का इलाज नहीं किया': हनुमान बेनीवाल ने लगाया तीखा हमला, 250 गाड़ियों के काफिले के साथ अजमेर हाईवे जाम करने निकले

नागौर जिले के रियांबड़ी में पिछले 8 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन को 'महापड़ाव' में बदलते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर दिया। उन्होंने प्रशासन को सवा चार बजे तक का अंतिम अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं, तो आज ही हाईवे पर कूच किया जाएगा और चक्का जाम शुरू कर दिया जाएगा।

बेनीवाल ने रियांबड़ी में किसान आंदोलन में शामिल होकर कहा,

"बजरी माफिया का तो मैंने इलाज कर दिया। लेकिन, जनता ने RLP का इलाज नहीं किया, वोट एक नहीं दिया। ये किया था पिछली बार राजस्थान की जनता ने... अगर समय रहते वोट डालती और आज मेरे 5, 7 या 10 विधायक होते, तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा या राज्यपाल के अभिभाषण की इतनी हिम्मत नहीं होती। मैं उस अभिभाषण को फाड़कर फेंक देता, जैसा मैंने पहले 11 बार किया है।"

उन्होंने राज्य सरकार पर किसानों के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और कहा कि यदि RLP को विधानसभा में उचित सीटें मिलतीं, तो सरकार पर दबाव बनाकर किसानों की मांगें मनवाई जा सकती थीं। बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई 'आर-पार' की है और मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे।

किसान आंदोलन की मुख्य मांगें

यह धरना मुख्य रूप से अवैध बजरी खनन पर पूर्ण रोक लगाने की मांग को लेकर चल रहा है। किसान लंबे समय से बजरी माफिया के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, और बेनीवाल ने खुद इस मुद्दे पर पहले भी सख्त कार्रवाई की बात कही है।

हाईवे जाम की तैयारी और काफिले का कूच

अल्टीमेटम के बाद बेनीवाल ने 250 गाड़ियों का विशाल काफिला निकाला, जिसमें वे खुद अपनी गाड़ी में सबसे आगे सवार होकर रियांबड़ी से पादू कलां की ओर बढ़े। यह काफिला NH-59 (नागौर-अजमेर हाईवे) को जाम करने के लिए जा रहा है। रियांबड़ी से पादू कलां की दूरी करीब 11 किमी है, और काफिला छोटी पादू पहुंच चुका है, जहां से हाईवे अब मात्र 3 किमी दूर है।

प्रशासन ने पादू कलां में हाईवे पर पहले से बेरिकेडिंग लगा रखी है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बेनीवाल ने कहा कि हाईवे पर पहुंचकर यह तय करेंगे कि कौन सा रेलवे ट्रैक जाम करना है, जिससे आंदोलन और प्रभावी हो।

RLP और बेनीवाल की पृष्ठभूमि

हनुमान बेनीवाल किसान नेता के रूप में जाने जाते हैं और RLP के माध्यम से किसानों, मजदूरों और युवाओं के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करते रहे हैं। उन्होंने पहले भी कई बार विधानसभा में सरकार के अभिभाषण फाड़ने जैसे कदम उठाए हैं। इस बार उन्होंने राजस्थान की जनता पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले चुनाव में RLP को समर्थन न देने से किसानों के हित प्रभावित हुए हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.