गुजरात बस अग्निकांड में खींवसर के अम्बालाल दर्जी की मौत, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी से परिवार नाराज!

गुजरात के धानेरा क्षेत्र में जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही निजी एसी स्लीपर बस में लगी भीषण आग की घटना में नागौर जिले के खींवसर निवासी 45 वर्षीय अम्बालाल दर्जी गंभीर रूप से झुलस गए थे। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को पैतृक गांव लाया गया, जहां शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। घटना के बाद जनप्रतिनिधियों की ओर से संवेदना नहीं मिलने पर परिजनों ने नाराजगी भी जताई।

Mar 15, 2026 - 14:33
गुजरात बस अग्निकांड में खींवसर के अम्बालाल दर्जी की मौत, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी से परिवार नाराज!

खींवसर/नागौर। गुजरात के धानेरा क्षेत्र में जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही एक निजी एसी स्लीपर बस में लगी भीषण आग की घटना में झुलसे नागौर जिले के खींवसर निवासी अम्बालाल दर्जी का शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान गांव में शोक का माहौल रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर दिवंगत को अंतिम विदाई दी।

गुजरात में हुआ था दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही निजी एसी स्लीपर बस में शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे गुजरात के धानेरा इलाके में अचानक आग लग गई थी। देखते ही देखते बस में आग फैल गई, जिससे बस में सवार कई यात्री झुलस गए। इस हादसे में खींवसर गांव निवासी 45 वर्षीय अम्बालाल दर्जी भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया शव

अम्बालाल दर्जी के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद प्रशासन ने शव परिजनों को सौंप दिया। शनिवार सुबह निजी एंबुलेंस के जरिए उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव खींवसर लाया गया। गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

इलाज के लिए अक्सर जाते थे मेहसाणा

परिजनों के अनुसार अम्बालाल दर्जी पिछले करीब चार वर्षों से शुगर की बीमारी से पीड़ित थे। उनका इलाज गुजरात के मेहसाणा स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा था। दवाइयां और नियमित जांच के लिए वे समय-समय पर बस से मेहसाणा जाया करते थे। इसी सिलसिले में वे गुरुवार को भी जैसलमेर से उसी बस में सवार होकर गुजरात के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में यह दुखद हादसा हो गया।

जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से परिवार में नाराजगी

घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से संवेदना व्यक्त नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। मृतक के भाई गोविंदराम दर्जी ने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने परिवार से संपर्क नहीं किया है। इससे परिवार और गांव के लोगों में नाराजगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी दुखद घटना में जनप्रतिनिधियों को आगे आकर पीड़ित परिवार का संबल बनना चाहिए और सरकार को भी हादसे के पीड़ितों के लिए उचित सहायता की घोषणा करनी चाहिए।