राजस्थान में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर जोधपुर पहुंचीं DU नेता जोस्लिन नंदिता चौधरी, छात्र राजनीति और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर

जोधपुर पहुंचीं दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र नेता जोस्लिन नंदिता चौधरी ने महिलाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी और राजस्थान में छात्र संघ चुनाव की मांग की। उन्होंने अपने DUSU चुनाव अनुभव को प्रेरणादायक बताते हुए छात्र हितों के लिए निरंतर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 28, 2025 • 7:32 PM  40
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राजस्थान में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर जोधपुर पहुंचीं DU नेता जोस्लिन नंदिता चौधरी, छात्र राजनीति और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर
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राजस्थान में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर जोधपुर पहुंचीं DU नेता जोस्लिन नंदिता चौधरी, छात्र राजनीति और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार जोस्लिन नंदिता चौधरी का रविवार को जोधपुर में भव्य स्वागत हुआ। जोधपुर के पाल गांव की रहने वाली जोस्लिन ने अपने गृह राज्य में पहली बार कदम रखते ही छात्र राजनीति, महिला सशक्तिकरण और राजस्थान में छात्र संघ चुनाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके आगमन पर जोधपुर एयरपोर्ट पर सैकड़ों समर्थकों, छात्र नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, फूलों की वर्षा और नारों के साथ उनका स्वागत किया।

जोस्लिन का प्रेरणादायक सफर: मारवाड़ से दिल्ली तक

23 वर्षीय जोस्लिन नंदिता चौधरी, जो दिल्ली विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन में एमए की छात्रा हैं, ने DUSU चुनाव 2025 में अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारी देकर इतिहास रचा। 17 साल बाद NSUI ने किसी महिला उम्मीदवार को इस शीर्ष पद के लिए चुना, और जोस्लिन ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उम्मीदवार को कड़ी टक्कर दी। हालांकि वे जीत हासिल नहीं कर पाईं, लेकिन उनके अभियान ने छात्रों के बीच महिला नेतृत्व और छात्र हितों के मुद्दों को मजबूती से उठाया।

जोधपुर में पत्रकारों से बातचीत में जोस्लिन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "यह पहली बार हुआ जब राजस्थान से दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव में टिकट मिला। इतनी दूर जाकर चुनाव लड़ना बेहद प्रेरणादायक रहा। मुझे लोगों का अपार प्यार और समर्थन मिला, जिससे राजनीति की बारीकियां सीखने को मिलीं।" उन्होंने अपने मारवाड़ के किसान परिवार की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा, "मैं ऐसे क्षेत्र से आती हूं जहां वर्षा की कमी है, लेकिन वहां के किसान कभी हार नहीं मानते। यह मेरे लिए सबसे बड़ी सीख है। मेहनत और दृढ़ता से सब कुछ संभव है।"

महिला सशक्तिकरण और छात्र राजनीति पर जोर

जोस्लिन ने महिलाओं को राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, "राजनीति निर्णय लेने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। महिलाओं को इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। अभिभावकों को भी चाहिए कि वे अपने बच्चों, चाहे लड़के हों या लड़कियां, को पूर्ण समर्थन दें।" जोस्लिन ने अपने अभियान के दौरान महिला सुरक्षा, छात्रावासों की कमी, मासिक धर्म अवकाश नीति, और शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। 'आरंभ' संगठन की संस्थापक के रूप में, उन्होंने महिला सशक्तिकरण और जागरूकता के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

राजस्थान में छात्र संघ चुनाव की मांग

जोस्लिन ने राजस्थान सरकार से अपील की कि राज्य में छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं। उन्होंने कहा, "राजस्थान के छात्र-छात्राएं राजनीति में बहुत सक्रिय हैं। मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए छात्र राजनीति एक बड़ा मंच है, जिसके जरिए वे अपनी आवाज उठा सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्र संघ चुनाव न केवल छात्रों के अधिकारों को मजबूती देंगे, बल्कि युवाओं को नेतृत्व के अवसर भी प्रदान करेंगे।

मारवाड़ का गौरव, समर्थकों का उत्साह

जोधपुर एयरपोर्ट पर जोस्लिन का स्वागत परंपरागत साफा पहनाकर और गुलदस्ता भेंट कर किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक महेंद्र सिंह विश्नोई ने कहा, "जोस्लिन की ऊर्जा, नेतृत्व क्षमता और समर्पण निश्चित रूप से छात्र राजनीति को नई दिशा देंगे।" समर्थकों का उत्साह देखते ही बनता था, और स्थानीय लोग जोस्लिन को मारवाड़ की बेटी के रूप में गर्व से देख रहे थे। जोस्लिन ने कहा, "मारवाड़ के लोगों ने हमेशा मेरा साथ दिया और किसी भी कमी को महसूस नहीं होने दिया। मैं हमेशा छात्र हितों के लिए काम करती रहूंगी।"

DUSU चुनाव: चुनौतियां और सीख

DUSU चुनाव के दौरान जोस्लिन ने कई चुनौतियों का सामना किया, जिसमें संसाधनों की कमी और EVM में हेराफेरी के आरोप शामिल थे। उन्होंने बेबाकी से अपनी आवाज उठाई और छात्र हितों के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। जोस्लिन ने कहा, "चुनाव के दौरान कई समस्याएं आईं, लेकिन मैंने उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। मेरा फोकस हमेशा छात्रों के मुद्दों पर रहा।" उनकी यह दृढ़ता और समर्पण उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस में महिला नेतृत्व की नई मिसाल बनाता है।

जोस्लिन ने बताया कि वे सभी नेताओं से प्रेरणा लेती हैं और उनकी सीख को आत्मसात कर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा मेहनत के साथ आगे बढ़ूंगी और छात्र हितों के लिए काम करती रहूंगी।" उनकी उम्मीदवारी ने न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में युवा और महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन दिया है। जोस्लिन का मानना है कि छात्र राजनीति न केवल व्यक्तिगत विकास का मंच है, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी एक सशक्त माध्यम है।

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