श्रीगंगानगर में 5 साल में 6 अरब रुपये की हेरोइन तस्करी: पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आ रही खेपें, पंजाब होकर वापस टुकड़ों में लौट रही; पुलिस ने बनाई स्पेशल QI DT और SIT टीमें

श्रीगंगानगर जिले में पिछले 5 सालों में 140 किलो से ज्यादा हेरोइन (मूल्य करीब 6 अरब रुपये) और 15 ड्रोन जब्त हुए हैं। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए बड़ी खेपें आती हैं, जो पंजाब जाती हैं और फिर टुकड़ों में जिले में वापस लाकर युवाओं को बेची जाती हैं। पुलिस ने QI DT (क्विक इन्वेस्टिगेशन एंड डिस्पोजल टीम) और SIT (प्रेगाबालिन तस्करी के लिए) गठित की है, ताकि नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके। ड्रॉपिंग का पैटर्न सीजनल है और प्रेगाबालिन कैप्सूल की तस्करी भी तेजी से बढ़ रही है।

Mar 9, 2026 - 11:18
Mar 9, 2026 - 11:19
श्रीगंगानगर में 5 साल में 6 अरब रुपये की हेरोइन तस्करी: पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आ रही खेपें, पंजाब होकर वापस टुकड़ों में लौट रही; पुलिस ने बनाई स्पेशल QI DT और SIT टीमें

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के कारण ड्रग तस्करी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 5 वर्षों में यहां से 140 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की जा चुकी है, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य 6 अरब रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा 15 ड्रोन भी पकड़े गए हैं, जो पाकिस्तान से नशे की खेपें ड्रॉप करने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं।

तस्करी का बड़ा हब बन चुका श्रीगंगानगर

श्रीगंगानगर बॉर्डर एरिया होने के कारण ड्रग्स तस्करों के लिए आसान रास्ता बन गया है। पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में हेरोइन की खेपें ड्रोन के जरिए भेजी जाती हैं। जांच में पता चला है कि ये खेपें पहले पंजाब की ओर जाती हैं, जहां से तस्कर उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में वापस राजस्थान (खासकर श्रीगंगानगर) लाकर स्थानीय युवाओं में बेचते हैं। इससे जिले में नशे की समस्या तेजी से फैल रही है।

2022 से 2025 तक की अवधि में बॉर्डर क्षेत्र से कुल 140 किलो से ज्यादा हेरोइन और 15 ड्रोन जब्त किए गए हैं। ये आंकड़े पुलिस की जांच और जब्ती के रिकॉर्ड पर आधारित हैं। ड्रोन ड्रॉपिंग का पैटर्न भी सीजनल पाया गया है:गर्मियों में (अप्रैल से अगस्त): दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच।सर्दियों में (नवंबर से फरवरी): रात 1 बजे से सुबह 4 बजे के बीच।पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में ड्रॉपिंग के हॉटस्पॉट चिन्हित कर लिए हैं। दिलचस्प बात यह है कि दो बार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार भी भेजे गए, जिन्हें पुलिस ने सफलतापूर्वक जब्त कर लिया।

QI DT टीम का गठन: राजस्थान का पहला जिला

नशा तस्करी पर काबू पाने के लिए श्रीगंगानगर पुलिस ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। जिले में क्विक इन्वेस्टिगेशन एंड डिस्पोजल टीम (QI DT) का गठन किया गया है, जो राजस्थान में ऐसा करने वाला पहला जिला बन गया है।ट्रेनी आईपीएस और सीओ सिटी विशाल जांगिड़ ने बताया कि QI DT टीम को बॉर्डर से जुड़े हेरोइन तस्करी के सभी 61 मामलों की फाइलें सौंपी जा चुकी हैं। इसके अलावा 2023 से अब तक दर्ज 35 फिरौती के मामलों की जांच भी इसी टीम को ट्रांसफर कर दी गई है।

टीम का नेतृत्व एएसपी भंवरलाल मेघवाल कर रहे हैं। टीम का मुख्य फोकस:आरोपियों की पूरी चेन तक पहुंचना।तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना।गहन जांच के साथ-साथ गिरफ्तारी का काम संबंधित थाना अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

प्रेगाबालिन कैप्सूल की तस्करी पर भी लगाम

हेरोइन के अलावा जिले में प्रतिबंधित प्रेगाबालिन (Pregabalin) कैप्सूल की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। यह दवा न्यूरोलॉजिकल दर्द के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है (खासकर 300 MG कैप्सूल), लेकिन इसका दुरुपयोग नशे के रूप में तेजी से बढ़ रहा है। NDPS एक्ट के तहत यह प्रतिबंधित है, फिर भी पाकिस्तान या पंजाब की तरफ से बड़ी खेपें आ रही हैं।हाल ही में अनूपगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में 36 हजार प्रेगाबालिन कैप्सूल जब्त किए और दो तस्करों—रवि कुमार और मनप्रीत सिंह—को गिरफ्तार किया। इससे पहले भी हजारों कैप्सूल विभिन्न ठिकानों से बरामद हो चुके हैं।

इस समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। SIT का मकसद:दवा कंपनियों से डेटा जुटाकर सप्लाई चेन की पूरी 'कुंडली' तैयार करना।सिर्फ छोटे तस्करों को नहीं, बल्कि बड़े डीलरों और सप्लायरों तक पहुंचना।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.