जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में भावुक हुईं विधायक मैथिली ठाकुर: भजन गाते-गाते छलक पड़े आंसू, बोलीं- "पता नहीं मुझे क्या हो रहा है, मन का बोझ हल्का हो गया"

जयपुर के प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर में बिहार की अलीनगर विधायक एवं लोक गायिका मैथिली ठाकुर दर्शन के दौरान भावुक हो गईं। भजन गाते समय भक्तों की कीर्तन, घंटियों-तालियों की गूंज और ठाकुरजी के दिव्य दर्शन से उनका मन इतना छू गया कि आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने कहा, "पता नहीं क्या हो रहा है, खुद को संभाल नहीं पाई, मन का बोझ हल्का हो गया।" यह भावुक पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो सच्ची भक्ति की मिसाल बन गया है।

Mar 9, 2026 - 11:25
जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में भावुक हुईं विधायक मैथिली ठाकुर: भजन गाते-गाते छलक पड़े आंसू, बोलीं- "पता नहीं मुझे क्या हो रहा है, मन का बोझ हल्का हो गया"

जयपुर: प्रसिद्ध लोक गायिका एवं बिहार की अलीनगर विधानसभा से विधायक मैथिली ठाकुर रविवार को जयपुर के आराध्य श्री गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचीं। अपने दोनों भाइयों के साथ आईं मैथिली ठाकुर वहां भजन गा रही थीं, तभी मंदिर का भक्ति भरा वातावरण और भक्तों की आस्था ने उन्हें इतना गहराई से छू लिया कि वे भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। यह पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग उनकी भक्ति और भावनाओं की सराहना कर रहे हैं।

मैथिली ठाकुर मंदिर में भजन सुना रही थीं— "आज तो नवेली राधा गौरी पूजन आई छ..." — तभी अचानक उनका स्वर भर्रा गया और आंसू छलक पड़े। उन्होंने खुद अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, "पता नहीं मुझे क्या हो रहा है। भक्तों के भजन, घंटियों और तालियों की गूंज ने मन को इतना छू लिया कि मैं खुद को संभाल नहीं पाई।"

उन्होंने आगे बताया, "आज तक मैंने ऐसा कभी महसूस नहीं किया था। ऐसा लगा जैसे मन का सारा बोझ हल्का हो गया हो।" मंदिर का दिव्य माहौल, भक्तों की कीर्तन-भजन की गूंज, झांझ-मंजीरों की आवाज और ठाकुरजी के दर्शन ने उनकी आत्मा को झंकृत कर दिया। यह भक्ति का वह पल था जहां शब्द कम पड़ गए और आंसू ही उनकी प्रार्थना बन गए।

मैथिली ठाकुर, जो अपनी मधुर भजन प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं और हाल ही में बिहार विधानसभा में सबसे युवा विधायक के रूप में चुनी गईं, अक्सर भक्ति संगीत के माध्यम से लोगों के दिलों को छूती हैं। लेकिन इस बार ठाकुरजी के दरबार में वे खुद भावुक होकर रो पड़ीं, जो उनकी गहरी आस्था और समर्पण को दर्शाता है।

यह घटना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के आसपास हुई, जिसने इसे और भी खास बना दिया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा है कि "भक्ति के आंसू सबसे पवित्र होते हैं" और "गोविंददेवजी का आशीर्वाद सब पर बरसता है"। मैथिली ठाकुर के इस भावुक पल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति में कोई विधायक, गायिका या आम भक्त का भेद नहीं होता—सब एक समान ठाकुरजी के सामने नतमस्तक हो जाते हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.