राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे पर CM ममता बनर्जी का तीखा पलटवार: 'BJP के इशारे पर राजनीति न करें, राष्ट्रपति का इस्तेमाल कर रही है पार्टी'

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे पर संथाल सम्मेलन के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन, कार्यक्रम स्थल बदलने और CM ममता बनर्जी के स्वागत न करने पर विवाद छिड़ गया। राष्ट्रपति ने नाराजगी जताई और ममता को 'छोटी बहन' कहकर हैरानी जताई। जवाब में ममता बनर्जी ने कहा कि BJP चुनाव से पहले राष्ट्रपति का इस्तेमाल कर पश्चिम बंगाल को बदनाम कर रही है, उन्हें BJP के इशारे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। PM मोदी ने TMC सरकार को 'शर्मनाक' बताया। यह घटना आदिवासी वोट बैंक और चुनावी माहौल को प्रभावित कर रही है।

Mar 8, 2026 - 12:48
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे पर CM ममता बनर्जी का तीखा पलटवार: 'BJP के इशारे पर राजनीति न करें, राष्ट्रपति का इस्तेमाल कर रही है पार्टी'

कोलकाता, 8 मार्च 2026 – पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे (दार्जिलिंग/सिलीगुड़ी क्षेत्र) के दौरान प्रोटोकॉल, कार्यक्रम स्थल परिवर्तन और स्वागत की कमी को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेते हुए खुले तौर पर नाराजगी जताई थी, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर प्रोटोकॉल की अनदेखी, अंतिम समय में बड़े मैदान (बिधाननगर) से छोटे स्थान (गोशाईपुर/बागडोगरा) पर कार्यक्रम शिफ्ट करने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा मंत्रियों के स्वागत में न पहुंचने का आरोप लगाया।

राष्ट्रपति ने ममता बनर्जी को "छोटी बहन" कहते हुए भावुक अंदाज में कहा कि क्या वे उनसे नाराज हैं?  उन्होंने आदिवासी समुदाय के विकास पर भी सवाल उठाए और कहा कि कुछ लोग संथालों को एकजुट, शिक्षित और मजबूत नहीं देखना चाहते। मुर्मू ने स्पष्ट किया कि बड़े स्थान पर कार्यक्रम होता तो अधिक आदिवासी शामिल हो पाते।इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में धरना स्थल से कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "माननीय राष्ट्रपति महोदया, हम आपका पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन चुनाव के समय BJP के इशारे पर राजनीति न करें।" ममता ने आरोप लगाया कि BJP पश्चिम बंगाल को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने कहा, "BJP इतनी घटिया हरकत पर उतर आई है कि वह राष्ट्रपति को अपना मुंह बनाकर राज्य सरकार पर हमला करवा रही है।"ममता बनर्जी ने आगे तंज कसा: "मणिपुर और BJP शासित अन्य राज्यों में आदिवासियों पर अत्याचार हो रहे थे, तब राष्ट्रपति चुप क्यों रहीं? पश्चिम बंगाल के आदिवासियों के लिए किए गए विकास कार्यों की जानकारी आपको नहीं है? हम बिरसा मुंडा, रघुनाथ मुर्मू जैसे महान व्यक्तियों के नाम पर काम कर रहे हैं। पहले अन्य राज्यों में स्थिति सुधारें, फिर बोलें।"उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम निजी संगठन द्वारा आयोजित था, न कि राज्य सरकार द्वारा।

राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा पहले से स्वीकृत लाइनअप में मुख्यमंत्री या मंत्रियों का स्वागत शामिल नहीं था। ममता ने कहा, "अगर साल में एक बार आती हैं तो स्वागत करेंगे, लेकिन चुनाव के समय बार-बार आने पर इतना समय कैसे दें? अगर 50 बार आएंगी तो भी..."विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "शर्मनाक" बताते हुए TMC सरकार पर हमला बोला और कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है।

BJP नेताओं ने माफी की मांग की, जबकि TMC ने इसे BJP द्वारा संवैधानिक पद के दुरुपयोग का मामला करार दिया।यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई है, जिससे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। दोनों पक्षों के बीच यह विवाद आदिवासी वोट बैंक और प्रोटोकॉल मुद्दे पर केंद्रित है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.