दिल्ली धमाके से पहले का CCTV फुटेज: कार में आतंकी उमर के होने का शक, फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल कनेक्शन; 9 मौतों का दर्दनाक सिलसिला

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर सफेद i20 कार में सोमवार शाम 6:52 बजे हुए धमाके में 9 लोगों की मौत, 24 घायल। सीसीटीवी में संदिग्ध आतंकी डॉ. मोहम्मद उमर कार में ढाई घंटे बैठा दिखा। कार गुरुग्राम रजिस्टर्ड, मालिक सलमान हिरासत में। फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से कनेक्शन, हाल में 2900 किग्रा विस्फोटक जप्त। जांच जारी।

Nov 11, 2025 - 11:36
दिल्ली धमाके से पहले का CCTV फुटेज: कार में आतंकी उमर के होने का शक, फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल कनेक्शन; 9 मौतों का दर्दनाक सिलसिला

राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास स्थित मेट्रो स्टेशन पर सोमवार शाम को एक भयानक धमाका होने से सनसनी फैल गई। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के ठीक बाहर पार्किंग एरिया में एक सफेद रंग की ह्युंडई i20 कार में अचानक हुए इस विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाके में दो महिलाओं समेत नौ निर्दोष लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 24 अन्य घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना न केवल दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ी कर रही है, बल्कि देशभर में सक्रिय संदिग्ध टेरर मॉड्यूल्स की साजिश को भी उजागर कर रही है।

धमाके से ठीक पहले का चौंकाने वाला CCTV फुटेज;   पुलिस जांच में धमाके से महज कुछ मिनट पहले का सीसीटीवी फुटेज रिकवर किया गया है, जो इस घटना की भयावहता को और गहरा करता है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि सोमवार शाम करीब 6:50 बजे एक सफेद i20 कार पार्किंग एरिया से धीरे-धीरे निकल रही है। कार के अंदर एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे रहा है, जिसकी पहचान आतंकी डॉक्टर मोहम्मद उमर से जोड़ी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उमर इस कार में लगभग ढाई घंटे तक बैठा रहा और एक पल के लिए भी बाहर नहीं उतरा। यह व्यवहार संदिग्ध लग रहा है, क्योंकि सामान्य ड्राइवर या यात्री ऐसा नहीं करते। फुटेज में कार का नंबर प्लेट भी कैद हो गया है, जो जांच का अहम क्लू साबित हो रहा है।"यह फुटेज हमें एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। उमर की मौजूदगी की पुष्टि होने पर हमारी आशंकाएं सही साबित होंगी," एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) की टीमें मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक जांच में जुटी हुई हैं। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आसपास खड़ी छह कारें, दो ई-रिक्शा और एक ऑटो पूरी तरह जलकर राख हो गए। मलबा चारों तरफ बिखर गया, और मेट्रो स्टेशन का गेट नंबर 1 क्षतिग्रस्त हो गया।

फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का खतरनाक कनेक्शन;  पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस धमाके का कनेक्शन हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एक सक्रिय टेरर मॉड्यूल से जोड़ा जा रहा है। संदिग्ध उमर को इसी मॉड्यूल का प्रमुख सदस्य माना जा रहा है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान चलाकर इस मॉड्यूल को ध्वस्त करने की कोशिश की थी। इस ऑपरेशन में हरियाणा से लखनऊ तक फैले नेटवर्क पर नजर रखी गई, और करीब 2900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। इस कार्रवाई के दौरान फरीदाबाद से डॉक्टर मोहम्मद शकील को गिरफ्तार किया गया था, जो मॉड्यूल का कथित मुख्य सुविधाप्रदाता था। वहीं, लखनऊ से महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद को हिरासत में लिया गया, जो विस्फोटकों की आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स संभाल रही थी। दोनों आरोपी अब एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) की हिरासत में हैं और पूछताछ जारी है। "यह मॉड्यूल जम्मू-कश्मीर से जुड़े बड़े आतंकी संगठनों से लिंक्ड था। दिल्ली धमाका इसी साजिश का हिस्सा लग रहा है," जेके पुलिस के एक अधिकारी ने कहा। उमर की तलाश लंबे समय से चल रही थी, और अब दिल्ली पुलिस ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है।

कार के मालिक और अन्य संदिग्धों पर शिकंजा;  धमाके वाली कार हरियाणा के गुरुग्राम में सलमान नाम के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पुलिस ने सलमान को हिरासत में ले लिया है और उससे जमकर पूछताछ की जा रही है। सलमान का दावा है कि उसने यह कार पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) के रहने वाले तारिक को बेच दी थी। तारिक की भी तलाश जारी है, और उसके आतंकी लिंक्स की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि कार में कुल तीन लोग सवार थे, जिनमें से कम से कम एक उमर था। बाकी दो की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

मरने वालों की दर्दनाक कहानी: उम्र 21 से 58 साल तक इस हादसे में मरने वालों की संख्या नौ तक पहुंच गई है, और उनकी उम्र 21 वर्ष से लेकर 58 वर्ष तक है। मृतकों में दो महिलाएं शामिल हैं, जो मेट्रो स्टेशन के पास खरीदारी करने आई थीं। अब तक केवल दो शवों की पहचान हो पाई है। बाकी शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, और कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।घायलों में से आठ की हालत नाजुक है, और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनो को सहायता राशि और घायलों  की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से भी उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं।

जांच के नए मोड़ और सुरक्षा के सवाल;  एनएसजी की फॉरेंसिक टीम ने मौके से विस्फोटक के अवशेष बरामद किए हैं, जो आरडीएक्स (RDX) से मिलते-जुलते पाए गए हैं। यह पदार्थ हाल ही में जेके अभियान में जब्त विस्फोटकों से जुड़ा हो सकता है। दिल्ली पुलिस ने पूरे NCR क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है, और मेट्रो स्टेशनों पर सिक्योरिटी चेक बढ़ा दिए गए हैं। विपक्षी दल इस घटना पर सरकार को घेर रहे हैं, और संसद में चर्चा की मांग कर रहे हैं।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.