बाड़मेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अनोखा विरोध: खुद सीमेंट-मलबे से भरे सड़कों के गड्ढे
राजस्थान की भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर जश्न के बीच बाड़मेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर की जर्जर सड़कों के खिलाफ अनोखा विरोध किया। पूर्व पार्षद महावीर बोहरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन के पास मुख्य सड़क पर बड़े गड्ढे को सीमेंट, मलबा और मिट्टी से खुद भर दिया। कई शिकायतों के बावजूद प्रशासन की अनदेखी से मजबूर होकर यह कार्रवाई की गई। अभियान आगे भी जारी रहेगा, जबकि शहर और ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत बदतर बनी हुई है।
राजस्थान की भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर जहां एक ओर जश्न मनाया जा रहा है, वहीं बाड़मेर जिले में कांग्रेस पार्टी ने सड़कों की जर्जर हालत को लेकर unqiue तरीके से विरोध दर्ज कराया। रविवार रात को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर की मुख्य सड़कों पर लंबे समय से बने गड्ढों को खुद सीमेंट, मलबा और मिट्टी डालकर भर दिया। यह कार्रवाई रेलवे स्टेशन के पास की गई, जहां एक बड़ा गड्ढा वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ था।
घटना का विवरण पूर्व पार्षद महावीर बोहरा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक दल रविवार रात करीब 8 बजे बाड़मेर रेलवे स्टेशन पहुंचा। इसमें नरेश देव सहारण, तरुण बालवानी, सोहनलाल, स्वरूपसिंह पंवार सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने सबसे पहले बेरिकेड्स लगाए ताकि वाहनों का आवागमन रोका जा सके, फिर रेलवे स्टेशन से जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर जाने वाली मुख्य सीसी रोड पर बने बड़े गड्ढे को सीमेंट, मलबे और मिट्टी से भरकर समतल कर दिया।
परेशानी की वजह और शिकायतें पूर्व पार्षद महावीर बोहरा ने बताया कि यह गड्ढा लंबे समय से मौजूद था, जिससे विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को रोजाना भारी दिक्कत हो रही थी। दुर्घटना का खतरा बना रहता था। शहर के अंदरूनी इलाकों में सीवरेज लाइन बिछाने के कार्य के कारण कई सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इनकी मरम्मत के लिए प्रशासन और नगर परिषद को कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में कार्यकर्ताओं ने खुद आगे आकर यह काम किया।बोहरा ने कहा, "प्रशासन की उदासीनता के कारण जनता परेशान है। हमने यह कार्रवाई करके सरकार को आईना दिखाया है कि अगर वे नहीं सुधार करेंगे तो हम खुद जनता की सेवा करेंगे।"
आगे की योजना महावीर बोहरा ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक शुरुआत है। शहर में जहां-जहां गड्ढे हैं, वहां यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि जहां गड्ढे भरे जा रहे हैं, वहां सीमेंट सूखने तक वाहन न चलाएं ताकि मरम्मत ठीक से हो सके और स्थायी रहे।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की हालत बाड़मेर शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। जनप्रतिनिधि और प्रशासन की ओर से बार-बार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और जल्द मरम्मत शुरू होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं दे रहा। इससे आम जनता, विशेषकर किसान और दैनिक यात्री प्रभावित हो रहे हैं।