चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी: पूरी घटना का विस्तार

चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट को ई-मेल से बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसमें पांच बम प्लांट करने का दावा किया गया। धमकी मिलते ही हाई अलर्ट जारी, उदयपुर से एटीएस, बम डिस्पोजल और डॉग स्क्वायड टीम ने पूरे परिसर की सघन तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। यह धमकी संभवतः फर्जी साबित हुई।

Dec 15, 2025 - 16:03
चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी: पूरी घटना का विस्तार

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में जिला कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की गंभीर धमकी मिलने से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। यह धमकी ई-मेल के माध्यम से दी गई, जिसमें दावा किया गया कि कलेक्ट्रेट परिसर में पांच बम प्लांट कर दिए गए हैं और दिन में ही इनका विस्फोट हो जाएगा। घटना रविवार रात की है, लेकिन सोमवार सुबह इसकी जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई शुरू हो गई।

धमकी कैसे मिली? धमकी भरा ई-मेल रविवार रात करीब 12:47 बजे चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर के आधिकारिक एनआईसी (NIC) ई-मेल आईडी पर आया। मेल में स्पष्ट रूप से लिखा था कि कलेक्ट्रेट में पांच बम रखे गए हैं और ये दिन में ब्लास्ट होंगे। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) प्रभा गौतम को इसकी जानकारी मिली, जिन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। एडिशनल एसपी स्वाति शर्मा ने मामले की पुष्टि की और बताया कि धमकी के बाद पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।

सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया धमकी की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कोई जोखिम नहीं उठाया। तुरंत विभिन्न सुरक्षा टीमें मौके पर पहुंचीं और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया:लोकल इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (डीएसटी): सबसे पहले इन टीमों ने प्रारंभिक जांच और सर्चिंग की। उदयपुर से एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) टीम: उदयपुर से विशेष एटीएस की टीम को बुलाया गया, जो घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुटी। बम डिस्पोजल स्क्वायड: विस्फोटकों की जांच के लिए विशेषज्ञ बम निरोधक दस्ता तैनात किया गया। डॉग स्क्वायड: स्निफर डॉग्स की मदद से संदिग्ध स्थानों की बारीकी से तलाशी ली गई। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ईआरटी): आपातकालीन टीम ने पूरे परिसर को कवर किया। सुरक्षा टीमों ने कलेक्ट्रेट के सभी कमरों, गलियारों, पार्किंग एरिया, खुले स्थानों और आसपास के पूरे परिसर में सघन जांच अभियान चलाया। हर कोने-कोने को खंगाला गया ताकि किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक का पता लगाया जा सके। धमकी में विशेष रूप से पांच बम प्लांट करने का जिक्र था, इसलिए जांच को और गंभीरता से लिया गया।

वर्तमान स्थिति और संभावनाएं घटना की तारीख को देखते हुए (दिसंबर 2025 की शुरुआत में ऐसी कई धमकियां राजस्थान और अन्य राज्यों के कलेक्ट्रेट्स, हाईकोर्ट्स में मिली हैं), यह स्पष्ट नहीं है कि सर्च में कुछ मिला या नहीं। हालांकि, देशभर में ऐसी अधिकांश ई-मेल धमकियां (जैसे जयपुर, कोटा, अजमेर, कोयंबटूर आदि में) जांच के बाद फर्जी (hoax) साबित हुई हैं। इनमें कोई विस्फोटक नहीं मिला और इन्हें शरारत या साइबर टेररिज्म का हिस्सा माना जा रहा है। चित्तौड़गढ़ मामले में भी सर्च ऑपरेशन के दौरान कोई अपडेट नहीं आया है कि बम मिले, इसलिए इसे भी संभवतः hoax माना जा सकता है।साइबर सेल इस ई-मेल की तकनीकी जांच कर रही होगी, जिसमें sender की लोकेशन, VPN यूज आदि का पता लगाया जाएगा। हाल के मामलों में कई धमकियां विदेशी सर्वर या VPN से भेजी गईं, जिससे ट्रेसिंग मुश्किल हो रही है।यह घटना राजस्थान में हालिया बम धमकी की श्रृंखला का हिस्सा लगती है, जहां सरकारी भवनों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.