बीकानेर में दिल्ली धमाके के बाद रेलवे सुरक्षा कड़ी: पैसेंजर्स के सामान की सघन तलाशी, दिल्ली मार्ग पर विशेष निगरानी
दिल्ली धमाके के बाद बीकानेर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ-जीआरपी की संयुक्त टीम ने सघन चेकिंग शुरू की; दिल्ली जाने वाले यात्रियों के सामान की विशेष तलाशी ली जा रही है।
बीकानेर, 11 नवंबर 2025:
दिल्ली में हाल ही में हुए विस्फोटक हादसे के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। राजस्थान के बीकानेर रेलवे स्टेशन पर भी रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त टीमों ने मंगलवार सुबह से ही सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान का मुख्य फोकस यात्रियों के सामान की बारीकी से तलाशी लेना और दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में सवार होने वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखना है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए स्टेशन परिसर में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
दिल्ली हादसे का संक्षिप्त विवरण; दिल्ली में सोमवार शाम को हुए इस धमाके ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह विस्फोट लाल किला के बाजार क्षेत्र में हुआ, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल है। दिल्ली पुलिस और एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और जांच शुरू की। अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षाकर्मी इसे एक सुनियोजित साजिश मान रहे हैं। इस घटना के बाद केंद्र सरकार ने सभी प्रमुख शहरों और संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। रेलवे मंत्रालय ने भी विशेष सर्कुलर जारी कर सभी जोनल रेलवे को अलर्ट रहने का आदेश दिया है।
बीकानेर रेलवे स्टेशन पर चेकिंग का व्यापक अभियान; बीकानेर जंक्शन, जो दिल्ली-बीकानेर मार्ग पर एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, पर सुबह 6 बजे से ही चेकिंग शुरू हो गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया, "दिल्ली हादसे की खबर मिलते ही हमारी टीम ने तुरंत एक्शन लिया। स्टेशन पर आने-जाने वाले सभी वाहनों की जांच की जा रही है, जिसमें निजी वाहन, टैक्सी और ऑटो शामिल हैं। यात्रियों के लुगेज, बैग्स और अन्य सामान को मेटल डिटेक्टर, स्निफर डॉग्स और मैनुअल चेकिंग से गुजारा जा रहा है।" विशेष रूप से, जो यात्री दिल्ली एक्सप्रेस, बीकानेर-दिल्ली सुपरफास्ट या अन्य दिल्ली-बाउंड ट्रेनों से यात्रा कर रहे हैं, उनकी जांच पर अतिरिक्त जोर दिया जा रहा है। एक यात्री ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "मेरा सामान चेक करने में 10-15 मिनट लग गए। बैग खोलकर सब कुछ देखा गया, यहां तक कि पानी की बोतल और स्नैक्स तक जांचे गए। लेकिन सुरक्षा के लिए यह जरूरी है।" जीआरपी के एएसआई ने कहा, "हमने स्टेशन के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग लगाई है। सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग 24x7 चल रही है, और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। यात्रियों से अपील है कि वे अपना सामान खुद ही लेजर टैग से चेक करवाएं और किसी अजनबी से सावधान रहें।"
अन्य सुरक्षा उपाय और प्रभाव; इस अभियान के तहत न केवल पैसेंजर्स बल्कि स्टेशन पर ठेले, विक्रेता और अन्य स्टाफ की भी स्कैनिंग की जा रही है। रेलवे ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 पर, जहां दिल्ली ट्रेनें रुकती हैं, वहां एक्स्ट्रा पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। इसके अलावा, ट्रेनों के अंदर भी आरपीएफ के जवान तैनात हैं, जो यात्रा के दौरान रैंडम चेकिंग करेंगे। इस सघन चेकिंग के कारण स्टेशन पर थोड़ी देरी तो हो रही है, लेकिन यात्री इसे समझ रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह अभियान अगले 48 घंटों तक जारी रहेगा या फिर दिल्ली जांच एजेंसियों के अपडेट के आधार पर। रेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा से पहले टिकट बुकिंग ऐप पर सुरक्षा सलाह पढ़ें और किसी संदिग्ध चीज को तुरंत रिपोर्ट करें।
व्यापक प्रभाव और भविष्य की रणनीति; दिल्ली हादसे के बाद न केवल बीकानेर बल्कि जोधपुर, जयपुर और अन्य रेलवे जोनों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं। रेल मंत्रालय ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिक्योरिटी सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा, जिसमें फेशियल रिकग्निशन और बैग स्कैनिंग शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए इंटेलिजेंस शेयरिंग और लोकल पुलिस के साथ समन्वय जरूरी है।