रणथंभौर में टाइगर से आमना-सामना: जान बचाकर भागे वनकर्मी, गुस्से में बाइक को बना डाला शिकार
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में गश्त के दौरान दो वनकर्मियों का टाइगर से आमना-सामना हो गया। सूझबूझ दिखाते हुए दोनों ने भागकर अपनी जान बचाई, जबकि गुस्साए टाइगर ने उनकी बाइक को करीब 10 मिनट तक हमला कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
सवाई माधोपुर। विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सोमवार सुबह एक खौफनाक घटना सामने आई, जहां जंगल के ‘राजा’ और दो वनकर्मियों के बीच की दूरी महज कुछ इंच रह गई। मौत के इतने करीब पहुंचने के बावजूद वनकर्मियों की सूझबूझ और फुर्ती ने उनकी जान बचा ली। हालांकि टाइगर ने गुस्से में उनकी मोटरसाइकिल पर हमला कर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
मोड़ पर घात लगाए बैठा था टाइगर
यह घटना सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे टाइगर रिजर्व की ROPT रेंज के सुल्तानपुर नाके के पास गाड़ा डूब वन क्षेत्र की है।
वनकर्मी निरंजन और होमगार्ड जितेंद्र शर्मा अपनी मोटरसाइकिल से रोज़ाना की तरह जंगल में गश्त पर निकले थे।
जैसे ही उनकी बाइक एक चढ़ाई वाले मोड़ पर पहुंची, सामने का नजारा देखकर दोनों के होश उड़ गए। मोड़ पर टाइगर आरबीटी-2511 पहले से ही घात लगाकर बैठा था। बाइक को अचानक अपने करीब देखकर टाइगर आक्रामक हो गया और जोर-जोर से गुर्राने लगा।
फुर्ती से बची जान
टाइगर के हमले की आशंका को देखते हुए दोनों वनकर्मियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई। उन्होंने चलती बाइक वहीं छोड़ दी और जान बचाने के लिए जंगल की ओर दौड़ लगा दी। कुछ दूरी पर जाकर दोनों करीब 15 से 20 मीटर दूर खड़े हो गए और हाथों में डंडे लेकर टाइगर की हरकतों पर नजर रखने लगे।
10 मिनट तक बाइक को बनाया शिकार
वनकर्मियों को सामने न देखकर टाइगर का गुस्सा उनकी बाइक पर उतर पड़ा।
उसने अपने पंजों और जबड़ों से मोटरसाइकिल को दबोच लिया, सीट फाड़ दी और टायर समेत कई हिस्सों पर हमला किया। टाइगर करीब 10 मिनट तक बाइक के आसपास मंडराता रहा और उसे घसीटता रहा। दूर खड़े वनकर्मी यह सब देखते रहे और उनकी धड़कनें तेज हो गईं।
पर्यटकों की जिप्सी बनी मददगार
इसी दौरान वहां से गुजर रही पर्यटकों की एक जिप्सी वनकर्मियों के लिए देवदूत बनकर पहुंची। जिप्सी चालक और वन स्टाफ ने तुरंत स्थिति को समझते हुए दोनों डरे हुए वनकर्मियों को गाड़ी में बैठा लिया।
करीब 5 मिनट बाद टाइगर बाइक को छोड़कर पास की पहाड़ी की ओर चला गया।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
घटना के बाद डीएफओ मानसिंह ने बताया कि दोनों वनकर्मी पूरी तरह सुरक्षित हैं। साथ ही एहतियात के तौर पर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचाव किया जा सके।