बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में डॉक्टर द्वारा मरीज की पिटाई की घटना: पूरी खबर विस्तार से
बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में 29 दिसंबर 2025 की रात एक डॉक्टर ने सीने में दर्द से तड़प रहे मरीज गोपालराम के साथ मारपीट की। मरीज की मां ने डॉक्टर को हल्के से हाथ लगाकर जल्दी इलाज की गुहार लगाई थी, जिस पर डॉक्टर भड़क गए। डॉक्टर ने मरीज के बाल पकड़कर पीटा और थप्पड़ मारे, जबकि मां बीच-बचाव करती रही। मरीज का इलाज नहीं हुआ और वह दर्द से तड़पता रहा। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल अधीक्षक ने जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बीकानेर, राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (पीबीएम) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। 29 दिसंबर 2025 की रात करीब 10 बजे एक डॉक्टर ने कथित तौर पर दर्द से तड़प रहे एक मरीज के साथ मारपीट की। मरीज के बाल पकड़कर उसे पीटा गया और कई थप्पड़ मारे गए। इस दौरान मरीज की मां बीच-बचाव करती रही और गिड़गिड़ाती नजर आईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद हॉस्पिटल प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है।
घटना कैसे हुई? घटना देराजसर (बीकानेर) के रहने वाले 25 वर्षीय युवक गोपालराम की है। गोपाल को सीने में तेज दर्द हो रहा था, इसलिए वह अपनी मां विक्की देवी (40 वर्ष) के साथ पीबीएम हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां डॉक्टर के पास मरीजों की लंबी कतार थी और भीड़ काफी थी।मां विक्की देवी ने बताया कि उन्होंने बेटे के गंभीर दर्द की शिकायत करते हुए डॉक्टर को हल्के से हाथ लगाकर कहा, "इसे जल्दी देख लो।" इसी बात पर डॉक्टर भड़क गए। उन्होंने विक्की देवी को डांटना शुरू कर दिया। इससे गोपाल को गुस्सा आ गया और बहस शुरू हो गई। गोपाल ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उनकी मां से अभद्रता की, जिसकी उन्होंने शिकायत की, लेकिन कोई हाथापाई नहीं की।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के बाद डॉक्टर नाराज होकर चले गए। कुछ देर बाद वे वापस आए, लेकिन इलाज करने के बजाय कहासुनी की। डॉक्टर ने कथित तौर पर कहा, "मैंने हाथ लगाने के लिए मना किया था, फिर इसकी हिम्मत कैसे हुई मेरा हाथ पकड़ने की।" इसके बाद डॉक्टर बिना मरीज का इलाज किए फिर चले गए। इस दौरान गोपाल सीने पर हाथ रखे दर्द से तड़पता रहा।
मारपीट की घटना आरोप है कि डॉक्टर के केबिन से बाहर आने के बाद मुख्य मारपीट हुई। डॉक्टर ने गोपाल के बाल पकड़कर उसे पीटा और कई थप्पड़ मारे। वीडियो में विक्की देवी हाथ जोड़कर बेटे को बचाने की कोशिश करती और गिड़गिड़ाती दिख रही हैं। मौके पर मौजूद कुछ सुरक्षाकर्मी बीच-बचाव करने आए, लेकिन कई सिर्फ खड़े देखते रहे।घटना के बाद हॉस्पिटल में मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
हॉस्पिटल प्रशासन का बयान पीबीएम हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "घटना का वीडियो सामने आया है। हमने मामले की जानकारी ली है और जांच चल रही है। नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।"
मरीज और परिजनों का पक्ष विक्की देवी (मां): सिर्फ हल्के से हाथ लगाकर बेटे को जल्दी देखने की गुजारिश की थी। डॉक्टर इससे नाराज हो गए और मां से अभद्रता की।गोपालराम (मरीज): डॉक्टर ने मारपीट की, जबकि मैंने कोई हाथापाई नहीं की। सिर्फ मां से बदतमीजी की शिकायत की थी। दर्द से तड़प रहा था, लेकिन इलाज नहीं हुआ।यह घटना सरकारी अस्पतालों में मरीजों और डॉक्टरों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है। भीड़, लंबी वेटिंग और दबाव के कारण ऐसे मामले कभी-कभी सामने आते हैं। फिलहाल, जांच के बाद आगे की कार्रवाई का इंतजार है। अगर वीडियो या अन्य अपडेट सामने आते हैं, तो मामले में और खुलासे हो सकते हैं।