“बिरला बोले- बारिश से खराब गेहूं भी सरकारी कांटे पर तुलेगा: सोमवार से सभी केंद्र चालू, आवंटन दोगुना; 25 में से 11 सैंपल रिजेक्ट पर क्या बोले मंत्री?”
कोटा में समीक्षा बैठक के दौरान ओम बिरला ने घोषणा की कि खराब गेहूं भी MSP पर खरीदा जाएगा। खरीद केंद्रों का आवंटन डबल किया गया।
कोटा समीक्षा बैठक में किसानों के लिए बड़ा फैसला, हर हाल में होगी गेहूं खरीद
कोटा में आयोजित समीक्षा बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किसानों के हित में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार किसानों की पूरी गेहूं उपज की सरकारी खरीद की जाएगी, चाहे गेहूं बेमौसम बारिश से खराब ही क्यों न हुआ हो।
खराब गेहूं भी सरकारी कांटे पर तुलेगा
मीडिया से बातचीत में ओम बिरला ने कहा कि ओलावृष्टि और बारिश के कारण बदरंग या सिकुड़ा हुआ गेहूं भी अब सरकारी खरीद केंद्रों पर स्वीकार किया जाएगा। किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार से सभी खरीद केंद्र चालू
उन्होंने बताया कि सोमवार से सभी खरीद केंद्र पूरी क्षमता के साथ शुरू कर दिए जाएंगे। साथ ही आवंटन (कोटा) को भी डबल कर दिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों का गेहूं खरीदा जा सके।
बैठक में उठे गुणवत्ता के मुद्दे
बैठक में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बूंदी जिले के 25 में से 11 रिजेक्ट हुए गेहूं के सैंपल अधिकारियों के सामने रखे और जवाब मांगा।
नागर ने कहा कि बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता में आई गिरावट को देखते हुए केंद्रों पर सख्ती कम की जाए और किसानों का माल रिजेक्ट नहीं किया जाए।
2700 रुपए क्विंटल पर खरीद
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि जहां बाजार में गेहूं करीब 2200 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है, वहीं सरकार बोनस सहित करीब 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद कर रही है।
उन्होंने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र में इस बार उत्पादन अधिक हुआ है और सरकार किसानों को हर संभव राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंडी का निरीक्षण और किसानों से संवाद
बैठक के बाद हीरालाल नागर ने भामाशाह मंडी का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने गुणवत्ता के आधार पर हो रही परेशानियों की जानकारी दी, जिस पर मंत्री ने अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए।
प्रशासन रहेगा अलर्ट
बैठक में यह भी तय किया गया कि अधिकारियों की टीमें मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी और किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा।