भीलवाड़ा में भगवान झूलेलाल के 1077वें अवतरण दिवस पर चेटीचंड महोत्सव का भव्य समापन: 21 किलो केक का भोग, 55 बच्चों का मुंडन, 11 का यज्ञोपवीत संस्कार और शोभायात्रा में उमड़ा उत्साह

भीलवाड़ा में भगवान झूलेलाल के 1077वें अवतरण दिवस पर 10 दिवसीय चेटीचंड महोत्सव का समापन भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। नाथद्वारा सराय मंदिर से शुरू यात्रा सिंधुनगर तक गई, जिसमें छेज नृत्य, फूलों की वर्षा, आतिशबाजी और जयकारे गूंजे। 55 बच्चों का मुंडन, 11 का यज्ञोपवीत संस्कार हुआ और भगवान को 21 किलो केक का भोग लगाया गया। सिंधी सेंट्रल पंचायत और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में उत्साह चरम पर रहा।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
March 21, 2026 • 2:48 PM  12
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भीलवाड़ा में भगवान झूलेलाल के 1077वें अवतरण दिवस पर चेटीचंड महोत्सव का भव्य समापन: 21 किलो केक का भोग, 55 बच्चों का मुंडन, 11 का यज्ञोपवीत संस्कार और शोभायात्रा में उमड़ा उत्साह
“भीलवाड़ा में भगवान झूलेलाल के 1077वें अवतरण दिवस पर चेटीचंड महोत्सव का भव्य समापन: 21 किलो केक का भोग, 55 बच्चों का मुंडन, 11 का यज्ञोपवीत संस्कार और शोभायात्रा में उमड़ा उत्साह”
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21 Mar 2026
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भीलवाड़ा में भगवान झूलेलाल के 1077वें अवतरण दिवस पर चेटीचंड महोत्सव का भव्य समापन: 21 किलो केक का भोग, 55 बच्चों का मुंडन, 11 का यज्ञोपवीत संस्कार और शोभायात्रा में उमड़ा उत्साह

भीलवाड़ा (राजस्थान)। सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलालजी के 1077वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 10 दिवसीय चेटीचंड महोत्सव का समापन शुक्रवार रात एक भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। इस दौरान शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल छाया रहा, जिसमें 55 बच्चों का मुंडन, 11 बच्चों का यज्ञोपवीत संस्कार किया गया और भगवान झूलेलाल को 21 किलो के विशाल केक का भोग लगाया गया।

शोभायात्रा का शुभारंभ नाथद्वारा सराय मंदिर से हुआ, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सिंधुनगर पहुंचकर समाप्त हुई। पूरे रास्ते 'जय झूलेलाल', 'आयो लाल झूलेलाल' के जयकारे गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। समाज के विभिन्न कॉलोनियों के आठ झूलेलाल मंदिरों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में समाजजन, युवा, महिलाएं और बच्चे इस यात्रा में शामिल हुए।

शोभायात्रा में पारंपरिक छेज नृत्य का खास आकर्षण रहा। युवाओं, बच्चों और महिलाओं ने उत्साह से यह नृत्य प्रस्तुत किया। बड़ी संख्या में युवतियां भी नृत्य करती हुईं पूरे रास्ते नजर आईं। कई स्थानों पर फूलों की वर्षा की गई, तो कुछ जगहों पर आतिशबाजी से उत्सव का रंग और भी बढ़ गया।यात्रा में सजी-धजी बग्घियां, संत-महात्मा और धर्म ध्वजा लिए घोड़ों पर सवार समाजजन आकर्षण का मुख्य केंद्र बने। जगह-जगह स्वागत द्वार सजाकर समाजजनों का जोरदार अभिनंदन किया गया, जिससे यात्रा और भी यादगार बन गई।

शोभायात्रा से पहले मंदिर परिसर में महंत भगत टेऊंराम के सानिध्य में 55 बच्चों का मुंडन और 11 बच्चों का यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार संपन्न हुआ। ये संस्कार सिंधी समाज की परंपराओं के अनुरूप बच्चों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान हैं।सुबह सब्जी मंडी स्थित झूलेलाल मंदिर में ध्वजारोहण का कार्यक्रम हुआ। महंत बाबूगिरी और संत किशनदास ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान झूलेलाल को 21 किलो के विशाल केक का भोग लगाया गया, जो उत्सव की विशेषता रही।

इसके अलावा, चित्रकूट धाम में इंद्रा मार्केट सिंधी व्यापारी एसोसिएशन की ओर से सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद रहे:सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष रमेशचंद्र सभनानी, शोभायात्रा व्यवस्थापक हेमनदास भोजवानी, मीडिया प्रभारी मूलचंद बहरवानी, चेलाराम लखवानी, विनोद झुरानी, हीरालाल गुरनानी, हेमन भोजवानी, कमल वैशनानी, महेश खोतानी, तुलसी निहालानी, अशोक टहलानी, तुलसीदास सखरानी, गुलशन विधानी, मनीष सबदानी, राम जेठानी, सुरेश भोजवानी, देवीदास मोतियानी, सुनीता तुल्सयानी, किशोर पारदासानी, लालचंद पमनानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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