भरतपुर: अंधेरे का फायदा उठाकर भागे 4 नाबालिग साइबर ठग आखिरकार धराए, पुलिस ने 4 फर्जी सिम सहित मोबाइल किए बरामद

भरतपुर के डीग में जुरहरा पुलिस ने 1 दिसंबर की रेड में अंधेरे का फायदा उठाकर भागे 4 नाबालिग साइबर ठगों को पकड़ लिया। आरोपियों से 4 फर्जी सिम और 3 मोबाइल बरामद हुए। ये नाबालिग फर्जी लोन ऐप और इन्वेस्टमेंट स्कीम से लोगों को ठग रहे थे।

Dec 4, 2025 - 13:44
भरतपुर: अंधेरे का फायदा उठाकर भागे 4 नाबालिग साइबर ठग आखिरकार धराए, पुलिस ने 4 फर्जी सिम सहित मोबाइल किए बरामद

भरतपुर। राजस्थान के डीग जिले की जुरहरा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 1 दिसंबर को हुई कार्रवाई में फरार हुए चार नाबालिग साइबर ठगों को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। ये चारों आरोपी पुलिस की रेड के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले थे। बुधवार देर रात तक चली तलाशी में पुलिस ने इन सभी को दबोच लिया।पुलिस के अनुसार, 1 दिसंबर को जुरहरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ नाबालिग लड़के साइबर ठगी के जरिए लोगों को ठग रहे हैं और उनके पास बड़ी संख्या में फर्जी सिम और मोबाइल फोन हैं।

 

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने डीग क्षेत्र के एक मकान पर दबिश दी। वहाँ मौजूद छह नाबालिगों में से दो को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया था, लेकिन बाकी चार आरोपी अंधेरा होने और इलाके की पगडंडियों की जानकारी होने के कारण फरार हो गए थे।लगातार तीन दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद जुरहरा थाना प्रभारी की अगुवाई में टीम ने बुधवार रात चारों फरार आरोपियों को अलग-अलग जगहों से दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नाजिम, अलीमुद्दीन, वकील और एक अन्य नाबालिग के रूप में हुई है।

पुलिस बरामदगी:3 मोबाइल फोन 4 फर्जी सिम कार्ड (दूसरों के नाम/फर्जी दस्तावेजों पर लिए गए) कुछ बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड की फोटोकॉपी प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ये नाबालिग गैंग ऑनलाइन ठगी के लिए “लोन ऐप”, “टास्क पूरा करो-पैसे कमाओ” और “इन्वेस्टमेंट डबल” जैसे फर्जी लिंक भेजकर लोगों को ठग रही थी। ठगी के पैसों को ये अपने साथियों के खातों में ट्रांसफर करवाते थे और फिर निकाल लेते थे। पुलिस का दावा है कि इनके गैंग ने पिछले दो-तीन महीने में दर्जनों लोगों को लाखों रुपए का चूना लगाया है।

जुरहरा थाना प्रभारी ने बताया कि सभी आरोपी नाबालिग होने के कारण इन्हें जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्यवाही कर बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। साथ ही इनके अन्य साथियों और जिन लोगों के नाम पर सिम-पासबुक ली गई थीं, उनकी तलाश की जा रही है।

यह कार्रवाई डीग डीएसपी के निर्देशन में हुई। पुलिस अब इनके मोबाइल और सिम की डिटेल निकालकर यह पता लगा रही है कि इनके नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और कितने लोगों को ठगी के केस इनसे जुड़ते हैं।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.